यूनिक समय, नई दिल्ली। शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित होता है और इस दिन की गई पूजा-अर्चना विशेष फलदायी मानी जाती है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, तो शनिवार को कुछ विशेष उपाय और नियमों का पालन कर शनि दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है। इस दिन शनि देव और हनुमान जी की पूजा करना विशेष लाभकारी माना जाता है। साथ ही, सूर्यपुत्र शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ सरल और प्रभावशाली नियमों का पालन भी आवश्यक है। आइए जानते हैं शनिवार के दिन किए जाने वाले उपाय और नियम, जिनसे शनि देव की कृपा प्राप्त हो सकती है। शनिवार को ऐसे करें शनि देव की पूजा सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनें। काले रंग के कपड़े पहनना इस दिन शुभ माना जाता है। पूजा के समय शनि देव की प्रतिमा पर सरसों का तेल, काले तिल, फूल और उड़द की दाल अर्पित करें। शनि चालीसा और शनि मंत्रों का पाठ करें। शनि देव को भोग में खिचड़ी और काले तिल अर्पित करें। पूजा करते समय शनि देव की आंखों में देखने से बचें, उनकी चरणों की ओर दृष्टि रखें। अंत में शनि देव की आरती कर पूजा का समापन करें। शनिवार को इन नियमों का अवश्य पालन करें नशीले पदार्थों का सेवन न करें। बुजुर्गों या माता-पिता का अपमान न करें। तामसिक भोजन (मांस, मछली, लहसुन-प्याज आदि) से परहेज करें। गलत कार्यों जैसे धोखा, झूठ, चोरी आदि से दूर रहें। शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों तेल का दीपक जलाना विशेष फलदायी होता है। इन नियमों और पूजा विधियों को अपनाकर आप शनि देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर कर सकते हैं।