Tue, Aug 25th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

Hantavirus: MV होंडियस क्रूज जहाज पर मिले संक्रमित मरीज; अमेरिका और ब्रिटेन ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

by Tarun Bhardwaj • May 11, 2026
Infected Patients Found on MV Hondius Cruise Ship

Hantavirus: MV होंडियस क्रूज जहाज पर मिले संक्रमित मरीज; अमेरिका और ब्रिटेन ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

इस खबर को सुनें • हिंदी

00:00
00:00
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। कोरोना के जख्म अभी पूरी तरह भरे भी नहीं थे कि एक और जानलेवा वायरस ‘हंतावायरस’ (Hantavirus) ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। दक्षिण अटलांटिक में मौजूद क्रूज जहाज एमवी होंडियस (MV होंडियस) पर दो यात्रियों के पॉजिटिव पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग और ब्रिटिश सरकार ने अपने नागरिकों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू कर दिया है।

अमेरिका ने किया एयरलिफ्ट

अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग ने ‘X’ पर जानकारी दी कि जहाज पर सवार सभी 17 अमेरिकी नागरिकों को विशेष एयरलिफ्ट के जरिए वापस लाया जा रहा है। Hantavirus संक्रमित और संदिग्ध यात्रियों को विमान के भीतर विशेष बायोकंटेनमेंट यूनिट में रखा गया है। इन यात्रियों को यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का मेडिकल सेंटर के विशेष पैथोजन ट्रीटमेंट सेंटर ले जाया जाएगा, जहाँ उनकी गहन चिकित्सकीय जांच होगी।

ब्रिटेन की ‘पैराशूट’ वाली एयर स्ट्राइक

ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को बचाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। दुनिया के सबसे दूरस्थ आबाद द्वीप ट्रिस्टन दा कुन्हा (Tristan da Cunha) में एक ब्रिटिश नागरिक के संक्रमित होने के बाद, रॉयल एयरफोर्स ने पैराशूट के जरिए 6 पैराट्रूपर्स और 2 सैन्य डॉक्टरों को वहाँ उतारा। इस द्वीप पर कोई हवाई पट्टी नहीं है, इसलिए ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाइयां भी हवाई मार्ग से गिराई गईं। ब्रिटिश सेना के इतिहास में मानवीय सहायता के लिए यह पहली बार है जब पैराशूट से मेडिकल टीम उतारी गई है। जहाज से निकाले गए 20 ब्रिटिश नागरिकों को एरो पार्क अस्पताल में 72 घंटे की निगरानी में रखा गया है, जिसके बाद उन्हें 42 दिनों तक घर पर आइसोलेट रहना होगा।

कितना खतरनाक है हंतावायरस?

अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, यह Hantavirus वायरस बेहद घातक है। यह वायरस मुख्य रूप से चूहों (Rodents) के जरिए फैलता है। हालांकि, दुर्लभ मामलों में यह इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। संक्रमित होने वाले मरीजों में मृत्यु दर एक-तिहाई (33% से अधिक) है, जो इसे बेहद खतरनाक बनाती है। इसके लक्षण दिखने में 1 से 8 हफ्ते तक का समय लग सकता है। अब तक इस प्रकोप से 8 संदिग्ध मामले और 3 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: ‘Krishnavataram Part 1: Hridayam’: CM योगी ने पूरी यूपी में फिल्म को किया टैक्स फ्री; 4 दिन में कमाए 10 करोड़

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.

ICSI ने घोषित किए CS Professional जून 2026 परीक्षा के नतीजे कंगना रनौत ने कृति सेनन के रक्षा बंधन ऐड पर दी अपनी प्रतिक्रिया मुस्लिम छात्रा की स्कूल में हिजाब पहनने की मांग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कृष्ण नगरी मथुरा में दिखेगा अद्भुत नज़ारा चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच ISMA की बड़ी राहत भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पहुंचे बीजिंग; विशेष प्रतिनिधि बैठक में होंगे शामिल MS धोनी को पछाड़ ऋषभ पंत बने विदेशी जमीन पर सबसे सफल भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज NBEMS ने NEET PG 2026 पेपर लीक के दावे को किया खारिज