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Hantavirus: MV होंडियस क्रूज जहाज पर मिले संक्रमित मरीज; अमेरिका और ब्रिटेन ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

by Tarun Bhardwaj • May 11, 2026
Infected Patients Found on MV Hondius Cruise Ship

Hantavirus: MV होंडियस क्रूज जहाज पर मिले संक्रमित मरीज; अमेरिका और ब्रिटेन ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

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यूनिक समय, नई दिल्ली। कोरोना के जख्म अभी पूरी तरह भरे भी नहीं थे कि एक और जानलेवा वायरस ‘हंतावायरस’ (Hantavirus) ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। दक्षिण अटलांटिक में मौजूद क्रूज जहाज एमवी होंडियस (MV होंडियस) पर दो यात्रियों के पॉजिटिव पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग और ब्रिटिश सरकार ने अपने नागरिकों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू कर दिया है।

अमेरिका ने किया एयरलिफ्ट

अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग ने ‘X’ पर जानकारी दी कि जहाज पर सवार सभी 17 अमेरिकी नागरिकों को विशेष एयरलिफ्ट के जरिए वापस लाया जा रहा है। Hantavirus संक्रमित और संदिग्ध यात्रियों को विमान के भीतर विशेष बायोकंटेनमेंट यूनिट में रखा गया है। इन यात्रियों को यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का मेडिकल सेंटर के विशेष पैथोजन ट्रीटमेंट सेंटर ले जाया जाएगा, जहाँ उनकी गहन चिकित्सकीय जांच होगी।

ब्रिटेन की ‘पैराशूट’ वाली एयर स्ट्राइक

ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को बचाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। दुनिया के सबसे दूरस्थ आबाद द्वीप ट्रिस्टन दा कुन्हा (Tristan da Cunha) में एक ब्रिटिश नागरिक के संक्रमित होने के बाद, रॉयल एयरफोर्स ने पैराशूट के जरिए 6 पैराट्रूपर्स और 2 सैन्य डॉक्टरों को वहाँ उतारा। इस द्वीप पर कोई हवाई पट्टी नहीं है, इसलिए ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाइयां भी हवाई मार्ग से गिराई गईं। ब्रिटिश सेना के इतिहास में मानवीय सहायता के लिए यह पहली बार है जब पैराशूट से मेडिकल टीम उतारी गई है। जहाज से निकाले गए 20 ब्रिटिश नागरिकों को एरो पार्क अस्पताल में 72 घंटे की निगरानी में रखा गया है, जिसके बाद उन्हें 42 दिनों तक घर पर आइसोलेट रहना होगा।

कितना खतरनाक है हंतावायरस?

अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, यह Hantavirus वायरस बेहद घातक है। यह वायरस मुख्य रूप से चूहों (Rodents) के जरिए फैलता है। हालांकि, दुर्लभ मामलों में यह इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। संक्रमित होने वाले मरीजों में मृत्यु दर एक-तिहाई (33% से अधिक) है, जो इसे बेहद खतरनाक बनाती है। इसके लक्षण दिखने में 1 से 8 हफ्ते तक का समय लग सकता है। अब तक इस प्रकोप से 8 संदिग्ध मामले और 3 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।

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