यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के इतिहास में बुधवार को एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई की पावन धरा से ₹36,230 करोड़ की लागत से बने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का भव्य लोकार्पण किया। यह एक्सप्रेस-वे न केवल उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे है, बल्कि यह पश्चिमी यूपी को सीधे संगम नगरी प्रयागराज से जोड़कर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देगा। विकास का विजन और संस्कृति का दर्शन लोकार्पण समारोह में एक लाख से अधिक लोगों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे एक 'अद्भुत संयोग' बताया। उन्होंने कहा "पिछले चार-पांच दिनों से मैं मां गंगा के सानिध्य में हूं। बंगाल से लेकर काशी विश्वनाथ तक के दर्शन के बाद आज मां गंगा के नाम पर बने इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करना सौभाग्य की बात है। इसमें हमारा विकास का विजन भी है और संस्कृति का दर्शन भी।" समारोह की शुरुआत में पीएम मोदी ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण किया। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। दिल्ली से पटना तक का सफर आसान गंगा एक्सप्रेस-वे के चालू होने से दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और बिहार के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे मेरठ से प्रयागराज का सफर जो पहले 12-13 घंटे में तय होता था, वह अब मात्र 6 से 7 घंटे में सिमट जाएगा। इसी प्रकार, दिल्ली से प्रयागराज जाने वाले यात्री बुलंदशहर के निकट से एक्सप्रेस-वे का उपयोग कर महज 7-8 घंटे में अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही, इस नए रूट से दिल्ली से वाराणसी का सफर अब केवल 8-9 घंटे और पटना तक का सफर लगभग 12-13 घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी। यह एक्सप्रेस-वे यूपी के 12 जिलों—मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के 518 गांवों को जोड़ता है। इससे इन क्षेत्रों में औद्योगिक कॉरिडोर, होटल, ढाबे और स्थानीय व्यापार को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। एक्सप्रेस-वे की आधुनिक और हाई-टेक खूबियां गंगा एक्सप्रेस-वे को अत्याधुनिक और हाई-टेक सुविधाओं से लैस किया गया है, जिसके वर्तमान 6-लेन डिजाइन को भविष्य में आवश्यकतानुसार 8-लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान रखा गया है। सुरक्षा के लिहाज से इस पर चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे, एम्बुलेंस, पेट्रोलिंग वाहन और ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, साथ ही आपातकालीन स्थिति में वायुसेना के लड़ाकू विमानों की लैंडिंग के लिए 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी का निर्माण भी किया गया है। विशेष बात यह है कि इस विशाल बुनियादी ढांचा परियोजना को महज 1,594 दिन यानी करीब 5 साल के रिकॉर्ड समय में पूरा कर देश को समर्पित किया गया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Bandhan Bank Share Price: बंधन बैंक के Q4 नतीजों ने शेयर बाजार में मचाया तहलका; 12% की तेजी के साथ शेयर ₹200 के पार [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]