यूनिक समय, नई दिल्ली। देश की बहुप्रतीक्षित 16वीं राष्ट्रीय जनगणना का बिगुल बज चुका है। नागपुर शहर में 1 मई से इस महाअभियान की शुरुआत होने जा रही है। 'जनगणना से जन कल्याण' (Census for Public Welfare) के ध्येय वाक्य के साथ नागपुर नगर निगम (NMC) इस बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना करने की तैयारी में है। इस प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने की विशेष सुविधा भी दी गई है। दो चरणों में होगी प्रक्रिया 16वीं जनगणना की इस डिजिटल प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए इसे दो हिस्सों में बांटा गया है, जिसके पहले चरण में 1 मई से 15 मई के बीच नागरिक स्वयं आधिकारिक पोर्टल (se.census.gov.in) पर जाकर स्व-गणना (Self-Enumeration) कर सकते हैं अर्थात अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह पोर्टल 16 भाषाओं में उपलब्ध है। जानकारी भरने के बाद परिवार के मुखिया को 11 अंकों की एक 'SE ID' मिलेगी, जिसे संभालकर रखना होगा। पहले चरण में 16 मई से 14 जून के बीच निगम के प्रगणक (Enumerators) घर-घर पहुंचेंगे। जिन लोगों ने स्व-गणना (Self-Enumeration) कर ली है, उन्हें केवल अपनी SE ID दिखानी होगी। जिन्होंने ऑनलाइन जानकारी नहीं भरी है, प्रगणक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से मौके पर ही उनका डेटा दर्ज करेंगे। 33 सवालों से तय होगा विकास का खाका इस बार की जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रगणकों द्वारा पूछे जाने वाले 33 महत्वपूर्ण सवालों के जरिए नागरिकों के जीवन स्तर और सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसके तहत मकान की भौतिक स्थिति (कच्चा या पक्का) और निर्माण सामग्री के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं जैसे—पीने का पानी, बिजली, शौचालय, जल निकासी और रसोई के ईंधन की उपलब्धता की जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही, परिवार के सदस्यों की संख्या, सामाजिक श्रेणी और संपत्ति के मालिकाना हक का विवरण भी दर्ज किया जाएगा और इस पूरी प्रक्रिया के दौरान हर घर को एक नया डिजिटल नंबर आवंटित किया जाएगा, जो पुराने नंबरों का स्थान लेगा। सुरक्षा और गोपनीयता का भरोसा नगर निगम आयुक्त विपिन इटनकर ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा साझा की गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसका उपयोग केवल भविष्य की सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करने में किया जाएगा। उन्होंने ड्यूटी से कतराने वाले कर्मचारियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। आंकड़ों में नागपुर की जनगणना नागपुर की डिजिटल जनगणना को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने लगभग 4,500 प्रगणकों और 700 सुपरवाइजरों का विशाल अमला तैनात किया है, जिसमें प्रत्येक प्रगणक को 800 से 1000 नागरिकों का डेटा जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नागपुर की आबादी 24,05,665 थी, और इस बार डिजिटल माध्यम के उपयोग से डेटा को अधिक सटीक और त्रुटिहीन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी उद्देश्य से प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और डिजिटल पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना की प्रक्रिया को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: India News: देश के 19 राज्यों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट; IMD ने जारी की चेतावनी [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]