यूनिक समय, नई दिल्ली। पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ और डोडा जिलों में मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते दोनों ही जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी डरावनी स्थिति पैदा हो गई है। इस भारी बारिश और बाढ़ के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगहों पर भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं सामने आई हैं, जिसने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। किश्तवाड़ में स्थित 540 मेगावाट (MW) के क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के समीप सोमवार की सुबह एक बेहद बड़ा और जबरदस्त लैंडस्लाइड हुआ, जिसकी चपेट में आने से वहां खड़ी और गुजर रही कई गाड़ियां भारी मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गईं। क्वार पावर प्रोजेक्ट के पास हाहाकार स्थानीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह किश्तवाड़ जिले के क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के पास भारी बारिश के चलते अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। इस भयानक भूस्खलन की चपेट में कई वाहन आ गए, जिनमें से कई गाड़ियां भारी पत्थरों और मलबे के नीचे दबकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत यह रही कि घटना के समय प्रशासनिक तत्परता और सतर्कता के चलते किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है। घटना के तुरंत बाद बचाव दल और भारी अत्याधुनिक मशीनरी (जैसे जेसीबी और पोकलेन) को काम पर लगाया गया है। युद्धस्तर पर मलबे को हटाने, क्षतिग्रस्त गाड़ियों को बाहर निकालने और प्रभावित इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। डोडा में अचानक आई बाढ़ से तबाही किश्तवाड़ के साथ-साथ पड़ोसी जिले डोडा में भी आसमानी आफत का कहर लगातार जारी है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ ने डोडा जिले के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों और रास्तों में घुसने से लोगों का जीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है और फसलों व संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि प्रशासनिक सतर्कता के कारण यहाँ भी किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। जिला प्रशासन के आला अधिकारी पूरी स्थिति पर पल-पल की पैनी नजर रखे हुए हैं और प्रभावित इलाकों में बहाली और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। डोडा–किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। डोडा जिले के प्रेम नगर क्षेत्र में सोमवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश के कारण मुख्य डोडा–किश्तवाड़ मार्ग पर भारी भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, बड़े-बड़े बोल्डर और पत्थर मुख्य सड़क पर आ गिरने से यह रणनीतिक और महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यातायात पूरी तरह ठप है। संबंधित विभागों के इंजीनियर्स और क्रेनें मौके पर पहुंच चुकी हैं और मार्ग को साफ कर जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने के लिए युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाया जा रहा है। [embedpress]https://www.instagram.com/reel/DacUJvOgLHG/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA[/embedpress] प्रशासन की अपील पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण अभी भी भूस्खलन का खतरा लगातार मंडरा रहा है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर स्थानीय लोगों और बाहरी यात्रियों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने साफ कहा है कि जब तक मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता और मार्ग को आधिकारिक तौर पर सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक लोग अनावश्यक यात्रा करने से पूरी तरह बचें। साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति में यात्रा पर निकलने से पहले कंट्रोल रूम से सड़क और मौसम की ताज़ा जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: यमुना एक्सप्रेसवे पर टायर फटने से गार्डरेल से टकराई स्कॉर्पियो, पति-पत्नी समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]