यूनिक समय, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर परिसर में नागपंचमी पर्व के दौरान सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। परिसर स्थित भगवान श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए लगी लंबी कतार के दौरान अचानक करंट फैलने की अफवाह उड़ गई। इस अफ़वाह के कारण नीलकंठ द्वार के समीप श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मच गई, जिससे करीब छह लोग घायल हो गए। इसके साथ ही हरसिद्धि मंदिर के पास बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में भीड़ का अत्यधिक दबाव बढ़ने से 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। घायलों को कराया अस्पताल में भर्ती घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासन के सहयोग से सभी घायल व अस्वस्थ श्रद्धालुओं को उज्जैन के चरक अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों में उज्जैन के ढांचा भवन निवासी हिंदूबाई और लक्ष्मीबाई तथा किशनपुरा निवासी 19 वर्षीय सागर शामिल हैं। इसके अलावा अन्य जिलों से आईं ग्वालियर निवासी सोनम (18 वर्ष) व खुशी, तथा गंजबासौदा निवासी अनसूया व उनकी माता ममता को भी भर्ती कराया गया है। वहीं अन्य राज्यों से आए वापी (गुजरात) के ग्राम सिलवासा निवासी हरिश्चंद्र, दरभंगा (बिहार) निवासी सुजीत कुमार और वलसाड (गुजरात) निवासी तुलसी व उनकी माता रेखाबाई का भी इलाज चल रहा है। बैरिकेड्स से टकराने से गंभीर चोट भगदड़ और अफरा-तफरी के दौरान बैरिकेड्स से टकराने के कारण गुजरात से आए श्रद्धालु हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। दर्शन के दौरान मची इस भगदड़ और भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण कुछ समय के लिए नागचंद्रेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित रही। श्रद्धालुओं ने लगाए आरोप ग्वालियर से आए श्रद्धालु सुरेंद्र सिंह राणा ने मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए बताया कि वह अपनी भतीजी सोनम के साथ रात से ही लाइन में लगे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आम श्रद्धालुओं को बार-बार रोककर वीआईपी (VIP) लोगों को दर्शन कराए जा रहे थे। जब अचानक रोकी गई भीड़ को आगे छोड़ा गया, तो धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसी तरह एक अन्य श्रद्धालु की माता मीनू ने बताया कि हरसिद्धि चौराहे के पास बैरिकेड गिरने से उनका बेटा नीचे दब गया था। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को संभाला घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आया। एंबुलेंस की मदद से घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया और बैरिकेड्स के पास भीड़ को नियंत्रित कर स्थिति को संभाला गया। फिलहाल प्रशासन की मुस्तैदी के बाद नागचंद्रेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था को दोबारा सुचारू कर दिया गया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: वृंदावन विवाद पर MLA अनिल पाराशर की सफाई: “सीओ बोले जिसको जरूरत है पास आए; यह जनप्रतिनिधि का सीधा अपमान” ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]