यूनिक समय, नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी गतिरोध और विरोध-प्रदर्शन को खत्म कराने की दिशा में केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के बीच आयोजित महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हो गई है। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में करीब डेढ़ घंटे से भी अधिक समय तक चली इस बैठक में केंद्रीय मंत्रियों और प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों ने विस्तृत चर्चा की। बातचीत समाप्त होने के बाद CJP ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए सरकार के समक्ष मुख्य रूप से तीन कड़ी शर्तें रख दी हैं। CJP प्रतिनिधियों ने रखीं ये 3 प्रमुख शर्तें छात्रों पर एक्शन के लिए सरकार माफी मांगे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा हो पीड़ित परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा न्यूट्रल जगह पर हुई डेढ़ घंटे की बैठक गौरतलब है कि सरकार ने शुरुआत में CJP नेताओं को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास या दफ्तर आकर वार्ता करने का न्योता दिया था। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने किसी न्यूट्रल जगह पर बातचीत की शर्त रखी, जिसे स्वीकार करते हुए यह बैठक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के कमरा नंबर 504 में आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सरकार का पक्ष रखा, जबकि CJP की ओर से प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल हुए। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े प्रदर्शनकारी भले ही एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने सरकार से मिले लिखित आश्वासन के बाद जेपी नड्डा के हाथों जूस पीकर अपना अनशन समाप्त कर दिया हो, लेकिन CJP का कहना है कि वे अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगे। CJP नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता, जंतर-मंतर पर उनका आंदोलन और प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। संसद में कड़ा बिल पेश कर सकती है सरकार एक तरफ जहां वार्ता के जरिए बीच का रास्ता निकालने की कोशिश जारी है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार पेपर लीक जैसी धांधलियों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए नया कानून लाने की तैयारी में है। कैबिनेट में मसौदे पर चर्चा के बाद माना जा रहा है कि सोमवार को संसद में नया बिल लाया जा सकता है, जिसमें 10 साल की जेल, 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए 3 महीने में फैसला सुनाने का कड़ा प्रावधान होगा। यह खबर अभी अपडेट हो रही है....