यूनिक समय, नई दिल्ली। NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों और जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच आज सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाओं पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि हमें गलतियां होने का सिलसिला हर हाल में खत्म करना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि वह पूरे साल इस मामले की निगरानी करेगी और एक सुरक्षित व सुदृढ़ संस्थागत व्यवस्था लागू कराना सुनिश्चित करेगी। याचिकाकर्ताओं की प्रमुख मांगें और NTA पर खड़े सवाल सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं में परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था 'नेशनल टेस्टिंग एजेंसी' (NTA) की साख पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह मांग की गई है कि अदालत केंद्र सरकार को NTA के स्थान पर एक नई, तकनीकी रूप से मजबूत, सुरक्षित और पूरी तरह स्वतंत्र संस्था के गठन का निर्देश दे तथा पेपर लीक मामले की पड़ताल कर रही सीबीआई (CBI) को अपनी जांच प्रगति रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर अदालत में प्रस्तुत करने का आदेश जारी करे। केंद्र सरकार का पक्ष सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए कोर्ट को आश्वस्त किया कि सरकार इस मुद्दे को उच्चतम कार्यकारी स्तर पर हल करने में जुटी है, जिसके तहत कोर्ट को बताया गया कि प्रिंटिंग प्रेस से लेकर परीक्षार्थियों तक प्रश्न-पत्र पहुंचने की पूरी प्रक्रिया का विस्तृत ब्योरा हलफनामे के माध्यम से दिया जाएगा और पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट की सिफारिशें लागू करने के साथ-साथ सरकार व्यवस्था सुधारने के लिए उससे भी आगे बढ़कर काम कर रही है। सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियां सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत की पीठ ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए और निर्देश दिए: हमें गलतियों के बार-बार दोहराए जाने का सिलसिला खत्म करना होगा। सुप्रीम कोर्ट पूरे साल इस मामले और संस्थागत बदलावों पर नजर रखेगा। केंद्र सरकार स्पष्ट करे कि क्या भविष्य में कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) आयोजित किए जा सकते हैं? क्वेश्चन पेपर (QP) परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित कैसे पहुंचाए जाएंगे? संपूर्ण परीक्षा प्रणाली में साइबर सिक्योरिटी का क्या खाका तैयार किया गया है? व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए सरकार और कोर्ट दोनों को 'एक्स्ट्रा माइल' जाना होगा। 3 अगस्त को होगी अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सभी बिंदुओं और भविष्य के सुधार प्रस्तावों पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सरकार का हलफनामा आने के बाद ही स्थिति की समीक्षा की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को तय की गई है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: आगरा-दिल्ली नेशनल हाईवे पर भीषण हादसा, रोडवेज बस ने दंपती को कुचला; मासूम बेटा गंभीर ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]