Fri, Jul 3rd, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

काबुल: दिल्ली पहुंचे सिख हिंदू शरणार्थी, हरदीप पुरी ने सिर पर गुरुग्रंथ साहिब रखकर पहुंचा गुरुद्वारा

by Raju Chaurasia • August 24, 2021

काबुल: दिल्ली पहुंचे सिख हिंदू शरणार्थी, हरदीप पुरी ने सिर पर गुरुग्रंथ साहिब रखकर पहुंचा गुरुद्वारा

इस खबर को सुनें • हिंदी

00:00
00:00
Advertisement
Ad

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में तालिबान संकट के बीच मंगलवार को हिंदू और सिख शरणार्थियों के साथ 25 भारतीय राजधानी दिल्ली पहुंचे। ताजिकिस्तान के दुशांबे से उड़ान भरने वाले एअर इंडिया के इस विमान में करीब 78 लोग सवार थे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उनका स्वागत किया। वो गुरुग्रंथ साहिब को सिर पर रखकर हवाई अड्डे से बाहर निकले। एक दिन पहले ही इन यात्रियों को तालिबान नियंत्रित काबुल से भारतीय वायुसेना के विमान के जरिए दुशांबे लाया गया था. बीते सोमवार को भारत ने 75 सिखों को अफगानिस्तान से सफलतापूर्वक निकाला था। सरकार ने कहा है कि यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

विदेश मंत्रालय की तरफ से जानकारी दी गई थी कि 25 भारतीय नागरिक समेत 78 यात्री ताजिकिस्तान के दुशांबे से एयर इंडिया के विशेष विमान के जरिए नई दिल्ली लाए जा रहे हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता ने ‘वाहे गुरु का खालसा, वाहेगुरु की फतेह’ का नारा लगा रहे सिख समुदाय के लोगों का एक वीडियो भी पोस्ट किया था. इससे पहले भी भारत पहुंचे कई भारतीय नागरिकों का भारत माता की जयकारे लगाते हुए वीडियो सामने आया था।

केंद्रीय मंत्री पुरी ने ट्वीट किया था कि गुरु ग्रंथ साहिब के तीन स्वरूपों और 46 अफगान सिख, हिंदू समेत 75 लोग भारतीय वायुसेना के विमान के जरिए निकाले जाएंगे। उन्होंने लिखा था, ‘तीन गुरु ग्रंथ साहिब जी को काबुल एयरपोर्ट से भारतीय वायुसेना के विमान द्वारा लाया जा रहा है। फंसे हुए भारतीयों के साथ 46 अफगान हिंदू और सिखों को उसी फ्लाइट से वापस लौटने का सौभाग्य मिला है।’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन वर्ल्ड फोरम के अध्यक्ष पुनीत सिंह चांडक ने बताया था कि अफगानिस्तान में अभी भी 200 से ज्यादा अफगान सिख और हिंदू फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा था, ‘इन लोगों ने काबुल के कर्ते परवान गुरुद्वारा में शरण ली है, जो एयरपोर्ट के करीब है।’ बीते रविवार को भारत ने करीब 540 नागरिकों को अफगानिस्तान से निकाला था। काबुल, दुशांबे और दोहा से हुए इन अलग-अलग उड़ानों के संचालन में करीब 475 नागरिक भी शामिल हैं।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.