Sun, Jun 7th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

कानपुर आईटीआई के प्रोफेसर का दावा कोरोना की तीसरी लहर कम घातक, अप्रैल में हो जाएगी खत्म

by Raju Chaurasia • January 3, 2022
Advertisement
Ad

कानपुर। कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों और इसके नए वेरिएंट ओमीक्रान को लेकर राहत भारी खबर है। इसी कड़ी में IIT कानपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक और पद्मश्री प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने दावा किया है कि कोरोना की तीसरी लहर दूसरी की तरह घातक नहीं होगी और ये अप्रैल तक ख़त्म हो जाएगी। प्रो. अग्रवाल ने कहा कि चुनावी रैलियों में बड़ी संख्या में लोग गाइडलाइन का पालन किए बगैर पहुंचते हैं, ऐसे में संक्रमण का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। ऐसे में एहतियात बरतने की जरूरत है।

यदि रैलियां होती हैं तो संक्रमण समय से पहले तेजी पकड़ सकता है। उनका कहना है कि चुनाव को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती। इसका अधिकार जिन संस्थाओं के पास है, वह निर्णय लेंगी। बस सभी को अलर्ट रहना होगा। अपने गणितीय मॉडल के आधार पर कोरोना महामारी के बारे में बताने वाले मणींद्र अग्रवाल के मुताबिक भारत में जनवरी में तीसरी लहर आएगी, मार्च में 1.8 लाख केस रोज आ सकते हैं। राहत की बात यह रहेगी कि हर 10 में से 1 को ही अस्पताल की जरूरत पड़ेगी। मार्च के मध्य में दो लाख बेड की जरूरत होगी।

राहत की बात यह रहेगी कि हर 10 में से 1 को ही अस्पताल की जरूरत पड़ेगी, मार्च के मध्य में दो लाख बेड की जरूरत होगी। मणींद्र अग्रवाल पहले ही कह चुके हैं कि अफ्रीका और भारत में 80 फीसदी जनसंख्या 45 वर्ष से नीचे वाली है। दोनों ही देशों में नेचुरल इम्युनिटी 80 फीसदी तक है। दोनों ही देशों में डेल्टा वेरिएंट म्यूटेंट के कारण रहा है। उन्होंने दावा किया, दक्षिण अफ्रीका की तरह भारत में भी अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना कम है। बता दें कि उत्‍तर प्रदेश में रविवार को 552 कुल मामले कोरोना के आए हैं। इनमें से सबसे 42 फीसदी गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर से मामले आए हैं।

आज से 15 से 18 साल के बीच के किशोर-किशोरियों का वैक्‍सीनेशन शुरू हो रहा है। गाजियाबाद वैक्‍सीन को लेकर जबरदस्त उत्साह है। 90 फीसदी बुकिंग हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 60 वैक्‍सीनेशन सेंटरों के लिए 24 हजार स्लॉट खोले थे। सोमवार को 40 स्कूलों में भी ऑन स्पॉट कर टीका लगाया जाएगा।

 

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.