यूनिक समय, नई दिल्ली। कर्नाटक की सियासत से इस वक्त की बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। राज्य में नेतृत्व परिवर्तन यानी मुख्यमंत्री बदलने का काउंटडाउन अब पूरी तरह शुरू हो चुका है। लंबे समय से चल रही खींचतान के बाद आखिरकार कल मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने पद से इस्तीफा दे देंगे, जिसके लिए उन्होंने राज्यपाल से मिलने का समय भी मांग लिया है। सिद्धारमैया के हटने के बाद अब प्रदेश के कद्दावर नेता और वर्तमान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का नया मुख्यमंत्री बनना पूरी तरह तय हो गया है। सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के अनुसार, डीके शिवकुमार 30 मई को कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर भव्य समारोह में शपथ लेंगे। आलाकमान ने लिया कड़ा फैसला इस बड़े सियासी बदलाव की पटकथा देश की राजधानी दिल्ली में लिखी गई, जहां दिनभर कांग्रेस आलाकमान के साथ कर्नाटक के शीर्ष नेताओं की मैराथन बैठकों का दौर चला। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कमरे में एक बेहद महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ-साथ खुद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इसी मीटिंग में आलाकमान ने बेहद कड़े शब्दों में सिद्धारमैया को अपने पद से स्टेप डाउन करने (इस्तीफा देने) का साफ निर्देश दे दिया। खबर तो यह भी सामने आई है कि राहुल गांधी से हुई व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान सिद्धारमैया से इस बदलाव को लेकर उनकी राय तक नहीं पूछी गई, जिससे साफ है कि आलाकमान पहले ही मन बना चुका था। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को इस बाबत आगे की रूपरेखा तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्यसभा जाने के इच्छुक नहीं हैं सिद्धारमैया आलाकमान के फैसले के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि कल सिद्धारमैया राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। हालांकि, पार्टी के भीतर उनके पुनर्वास को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व उन्हें केंद्र की राजनीति में लाकर राज्यसभा भेजने का मन बना रहा था, लेकिन अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सिद्धारमैया फिलहाल राज्यसभा जाने के बिल्कुल भी इच्छुक नहीं हैं। ऐसे में उनकी अगली राजनीतिक भूमिका क्या होगी, इस पर सस्पेंस बरकरार है। बनाए जा सकते हैं ३ नए डिप्टी सीएम कर्नाटक में डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही कैबिनेट के स्वरूप में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, राज्य में सरकार और सामाजिक संतुलन को बनाए रखने के लिए कांग्रेस इस बार तीन नए डिप्टी सीएम (उपमुख्यमंत्री) बना सकती है। ये तीनों डिप्टी सीएम अनुसूचित जाति (दलित), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और महिला या विशिष्ट वर्ग से बनाए जा सकते हैं। इस पद की दौड़ में कई दिग्गज नेताओं के नाम तेजी से सामने आ रहे हैं। डिप्टी सीएम पद के लिए दलित कोटे से डॉ. जी. परमेश्वर या कांग्रेस अध्यक्ष के बेटे प्रियांक खरगे का नाम सबसे आगे चल रहा है। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) कोटे से सिद्धारमैया के करीबी यतीन्द्र के नाम की चर्चा जोरों पर है। इसके अलावा, लिंगायत कोटे से पार्टी के वरिष्ठ नेता एमबी पाटिल या ईश्वर खंड्रे को मौका मिल सकता है। अल्पसंख्यक कोटे की बात करें तो इस रेस में केजे जॉर्ज, यूटी खादर या ज़मीर अहमद खान के नाम शामिल हैं। मुहूर्त फिक्स हुआ है या नहीं, सब कल पता चल जाएगा: मंत्री बोसराजू कर्नाटक सरकार में चल रही इस भारी हलचल पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के लघु सिंचाई मंत्री एन. एस. बोसराजू ने बेहद नपे-तुले शब्दों में कहा कि संगठन में जो भी होगा और जैसा भी होगा, उसे सिर्फ और सिर्फ पार्टी हाईकमान ही तय करेगा। उन्होंने आगे कहा कि डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनेंगे या कैबिनेट में कोई बड़ा फेरबदल होगा, इसका अंतिम फैसला दिल्ली से ही होगा। हालांकि, उन्होंने सस्पेंस को बढ़ाते हुए यह जरूर कहा कि कल तक सब कुछ पूरी तरह साफ हो जाएगा, लेकिन शपथ ग्रहण का मुहूर्त फिक्स हुआ है या नहीं, इस बारे में वे अभी कुछ नहीं बता सकते। बहरहाल, कर्नाटक की इस सियासी हलचल ने पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ा दी है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: 1 जून से एयर इंडिया और इंडिगो की घरेलू उड़ानों में भारी कटौती; मुंबई-दिल्ली समेत कई रूट्स होंगे प्रभावित [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]