यूनिक समय, नई दिल्ली। हिमालय की गोद में स्थित सुप्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह ठीक 8:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरी केदारपुरी "हर-हर महादेव" और "जय बाबा केदार" के जयघोष से गुंजायमान हो उठी। इस ऐतिहासिक और पावन क्षण के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु धाम में मौजूद रहे। 51 क्विंटल फूलों से सजा भव्य दरबार बाबा केदार के मंदिर को इस अवसर पर करीब 51 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से बेहद खूबसूरती के साथ सजाया गया है। फूलों की सजावट और पहाड़ों की बर्फबारी के बीच मंदिर का दृश्य अलौकिक नजर आ रहा था। 8वीं सिखलाई रेजीमेंट के बैंड की धुनों और डमरूओं की गूंज ने पूरे वातावरण को शिवमय कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने के शुभ अवसर पर बाबा के चरणों में शीश नवाया और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। पंचमुखी डोली का भव्य स्वागत इससे पहले, बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे केदारनाथ धाम पहुंची थी। ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से शुरू हुई यह यात्रा जंगलचट्टी, रामबाड़ा और लिनचोली जैसे दुर्गम रास्तों से होते हुए 17 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर केदारपुरी पहुंची। जैसे ही डोली मंदिर परिसर में प्रविष्ट हुई, श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर उसका जोरदार स्वागत किया। सुरक्षा के इंतजाम यात्रा के पहले ही दिन उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। आईटीबीपी (ITBP) और पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं ताकि दर्शन सुचारू रूप से हो सकें। इस अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, पुजारी टी. गंगाधर लिंग, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। श्रद्धालुओं में भारी उत्साह राजस्थान से आए शेर सिंह, ऋषिकेश के सौरभ कालरा और चमोली की पुष्पा बिष्ट जैसे अनेक श्रद्धालुओं ने कपाट खुलने पर अपनी खुशी जाहिर की। भक्तों का कहना है कि बाबा के दर्शन पाकर उनकी वर्षों की प्रतीक्षा और यात्रा की थकान मिट गई है। कपाट खुलने के साथ ही अब उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज़ हो गया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।