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खिलवाड़: ऐसे मिल जाती थीं 10 हजार में नेपालियों को भारत की सरकारी सुविधाएं!

by यूनिक समय • March 8, 2021

खिलवाड़: ऐसे मिल जाती थीं 10 हजार में नेपालियों को भारत की सरकारी सुविधाएं!

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महाराजगंज। उत्‍तर प्रदेश के महाराजगंज साइबर सेल और फरेंदा पुलिस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए नेपाली नागरिकों का फर्जी तरीके से भारतीय आधार कार्ड बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 13 ग्राम पंचायत का मोहर, आधार कार्ड बनाने वाले उपकरण, लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर, फिंगर स्कैनर, रेटीना स्कैनर, जीपीएस लोकेटर समेत फर्जीवाड़े में इस्तेमाल किए जाने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ 60 हज़ार नगद भी बरामद क‍िए हैं. पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ जालसाजी व आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया है।

UP Police arrest

पुलिस की गिरफ्त में खड़े यह तीनों आरोपी बड़े ही शातिर किस्म अपराधी है। यह तीनों शख्स सिर्फ 10000 रुपये में भारत के सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते थे। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा करते बताया कि मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि महाराजगंज के पते से नेपाली नागरिकों का गोरखपुर जनपद के कैंपियरगंज, पीपीगंज, फरेंदा में फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले पर गहनता से जांच की तो फरेंदा पुलिस व साइबर सेल ने गैंग को पकड़ लिया यह गैंग दस हजार रुपये में नेपाली नागरिकों को फर्जी आधार कार्ड बनवाता था।

महरजगंज के एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया क‍ि इसके साथ ही इस आधार से भारत मे मिलने वाली सरकारी सुबिधा भी यह गैंग दिलाने का झांसा नेपाल‍ियों को देता था। इसमें एक आरोपित कैंपियरगंज थाना क्षेत्र का दो सोनौली के रहने वाले हैं। प्रकरण में धोखाधड़ी आपराधिक षड्यंत्र सहित कई गंभीर धारा में के अलावा आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई कर तीनों आरोपी को जेल भेज दिया गया है। वहीं उन्होंने कहा कि जिनकी भी इसमें सम्मिलित था सामने आएगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस को सूचना मिली कि कैम्पियरगंज थाना क्षेत्र के भौराबारी चौराहे पर स्थित विश्वकर्मा मोबाइल केयर दुकान से कुछ नेपाली फर्जी आधार कार्ड बनवा कर टेंपो से वापस लौट रहे हैं। इस सूचना के बाद पुलिस ने फरेंदा स्थित दक्षिण बाईपास पर घेराबंदी किए तभी टेंपो दिखाई दिया, जिसके बाद वह उसको रोकने की कोशिश की लेकिन वह पीछे मुड़कर भागने लगा. टीम ने दौड़ाकर टेंपो को पकड़ लिया। टेंपो में चालक के अलावा चार नेपाली महिलाएं और दो नेपाली पुरुष बैठे हुए थे। चालक ने अपना नाम अमरनाथ बताया जो सोनौली के गौतम बुध नगर वार्ड का निवासी बताया।

पुलिस को अमरनाथ ने फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गैंग की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर 2 लोगों को और हिरासत में लिया। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पुलिस व साइबर सेल ने नेपाली नागरिकों का फर्जी ढंग से महाराजगंज के पते से आधार कार्ड बनवाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। इन महिलाओं ने दस हजार रुपये में लालच देकर आधार कार्ड बनाने के बात भी स्वीकार लिया है।

फिलहाल इस गैंग के पकड़े जाने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे है कि आखिर साइबर की आगे बढ़ती दुनिया मे इस तरह के साइबर अपराध को रोकना बेहद महत्वपूर्ण है ताकि इस तरह का फर्जीवाड़ा रोका जा सके।

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