रामोजी फिल्म सिटी के मालिक रामोजी राव का दक्षिण भारत की राजनीति में अच्छा खासा रसूख था। हाल ही में आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव 2024 के चौंकाने वाले नतीजों की एक वजह रामोजी राव को ही माना जा रहा है। एशिया की सबसे बड़ी फिल्म सिटी के मालिक और मीडिया टायकून रामोजी राव (Ramoji Rao) नहीं रहे। ईनाडु TV और रामोजी फिल्म सिटी (Ramoji Film City) के संस्थापक रामोजी राव ने आज सुबह हैदराबाद में आखिरी सांस ली। 87 साल के रामोजी राव पिछले कई दिन से अस्पताल में भर्ती थे। आज सुबह करीब 4 बजे उन्होंने हैदराबाद के स्टार अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मीडिया और सिनेमा जगत के साथ-साथ रामोजी राव दक्षिण भारत की राजनीति में काफी रसूख रखते थे। हाल ही आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव 2024 के नतीजों ने लोगों को चौंकाया। जगन मोहन रेड्डी की पार्टी 151 सीटों से इतनी तेजी से नीचे उतरी कि मात्र 11 सीटों पर सिमट गई। इस जीत के चेहरे चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण हैं, लेकिन एक और बड़ा चेहरा है, जिसने जगन मोहन रेड्डी सरकार के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वह रामोजी राव थे। दरअसल, जगन मोहन के पिता स्वर्गीय YSR ने साक्षी अखबार और चैनल का इस्तेमाल करके ईनाडु और ईटीवी को बदनाम करने की कोशिश की, लेकिन रामोजी राव ने उनका डटकर सामना किया। हिसाब बराबर करने से पहले YSR की हादसे में मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिता के जाने के बाद जगन मोहन रेड्डी मुकाबले में उतर आए। हालांकि जगन ने शुरू में रामोजी राव को खुश करने की कोशिश भी की, लेकिन रिश्ते सुधर नहीं पाए। जगन की एक तस्वीर भी वायरल हुई थी, जिसमें वे एक निजी समारोह में हाथ जोड़कर रामोजी राव का अभिवादन करते दिखे, लेकिन रामोजी राव एक सिद्धांतवादी व्यक्ति थे और https://twitter.com/Gauri2525/status/1799312137099333845?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1799312137099333845%7Ctwgr%5Ea9ef0787746efe07ceaa62260a098e239c4955f7%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.news24online.com%2Findia%2Framoji-rao-importance-in-south-india-politics-jagan-mohan-reddy-andhra-pradesh-assembly-election-result-2024%2F742519%2F उन्होंने हमेशा सरकार के अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। जगन ने उंडावल्ली अरुण कुमार की मदद से ईनाडु ग्रुप को टारगेट किया। ग्राहकों को डराकर अपना पैसा वापस मांगने के लिए उकसाया। पूछताछ के नाम पर CID ने रामोजी राव के घर में घुसकर उन्हें और उनकी बहू शैलजा को खूब परेशान किया। जगन इस स्तर तक गिर गए कि उन्होंने 80 वर्षीय रामोजी राव की तस्वीर लीक कर दी, जो अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए थे। वहीं जगन को यह नहीं मालूम था कि रामोजी राव को नाराज करना उनकी सबसे बड़ी गलती थी। ईनाडु ने जगन मोहन रेड्डी के लिए की छवि बिगाड़ने के लिए काम किया। आदर्श विपक्ष की भूमिका भी निभाई। दुनिया को दिखाया कि अत्याचारी शासन गलतियों और भ्रष्टाचार से भरा हुआ है। रामोजी राव ने आंध्र प्रदेश में जो हो रहा है, उसका आईना दुनिया को दिखाया। मीडिया के इस दिग्गज ने सरकारी विज्ञापन लेना भी बंद कर दिया और इस पर कोई आपत्ति भी नहीं जताई। ईनाडु की लोगों के बीच बहुत अधिक विश्वसनीयता है। जगन को यह बात तब पता चल जानी चाहिए थी, जब उनके उत्पीड़न के बावजूद किसी भी ग्राहक ने विरोध प्रदर्शन नहीं किया। रामोजी राव ने जगन पर सामान्य से 10 गुना अधिक निशाना साधा और साबित किया कि जगन जो गेम खेल रहे हैं, वह इस खेल के मास्टर हैं।