यूनिक समय, लखनऊ। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Scam) के मामले में अब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर ही बड़ी अंतर्कलह और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पहली बार ट्रस्ट के वरिष्ठ ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज ने खुलकर सामने आते हुए पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। महंत दिनेंद्र दास ने दोटूक शब्दों में कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में असली गलती गोपाल राव की ही है, जो राम की परंपरा को न मानकर केवल राजनीति कर रहे हैं और सबको उलझा रहे हैं। आपको बता दें कि मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले गोपाल राव मंदिर के निर्माण प्रभारी और ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य (सहायक प्रशासक) थे, जिनकी भूमिका को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे। महंत दिनेंद्र दास महाराज ने एक विशेष बातचीत में आरोप लगाया कि गोपाल राव ने ही इस पूरे संवेदनशील मामले को बेवजह तूल देकर राजनीतिक रंग दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हमारे सभी ट्रस्टी भगवान राम की मर्यादा और परंपराओं का अक्षरशः पालन करते हैं, लेकिन गोपाल राव उस परंपरा को भी नहीं मानते। इस पूरे विवाद और गड़बड़ी के लिए सीधे तौर पर वही जिम्मेदार हैं। आज डॉ. अनिल मिश्रा से पूछताछ संभव चढ़ावा चोरी के इस हाई-प्रोफाइल मामले की परतें खोलने में जुटी पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) की टीम अब ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों के बयानों का मिलान करने में लगी है। इसी कड़ी में 30 जून को अयोध्या जेल में बंद मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से गहन पूछताछ की गई थी। इसके बाद, रविवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी करीब 3 घंटे तक मैराथन सवाल-जवाब किए जा चुके हैं। अब पुलिस चंपत राय के बयानों को क्रॉस-वेरिफाई (सत्यापित) करने के लिए ट्रस्ट के एक और वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा से पूछताछ करने की तैयारी में है। जांच टीम विशेष रूप से इस बात की पड़ताल करेगी कि जेल में बंद मुख्य आरोपियों—लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा—की नियमों को ताक पर रखकर मंदिर में नियुक्ति कराने में किसकी क्या भूमिका थी। आरोपियों के अवैध घरों पर चलेगा बुलडोजर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राम मंदिर के चंदे में सेंध लगाने वाले आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार बेहद कड़ा और ऐतिहासिक एक्शन लेने जा रही है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने ऐसे सभी नए मकानों और बेनामी संपत्तियों की पहचान कर ली है, जिन्हें आरोपियों ने मंदिर परिसर में नौकरी लगने के बाद अचानक हासिल की गई अकूत काली कमाई से बनवाया था। प्राधिकरण आज ही उन अवैध निर्माणों को ध्वस्तीकरण का नोटिस भेज सकता है, जिनका नक्शा पास नहीं है या जिन्होंने निर्माण नियमों का खुला उल्लंघन किया है। इस कार्रवाई के तहत मुख्य रूप से आरोपी लवकुश मिश्रा का शहादतगंज में बन रहा नया मकान और अनुकल्प मिश्रा का कौशलपुरी स्थित आलीशान आवास प्रशासन के रडार पर हैं, जिन पर कभी भी बुलडोजर गरजा जा सकता है। वकीलों ने दी चंपत राय के खिलाफ तहरीर जैसे-जैसे एसआईटी की जांच आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला ने पुलिस पूछताछ में कुबूल किया है कि वे लोग मंदिर में चढ़ावे की नकदी चुराने के बाद उसे तुरंत बाहर नहीं ले जाते थे, बल्कि सुरक्षा जांच से बचने के लिए कैश को मंदिर परिसर के भीतर बने शौचालयों (Toilets) में छिपा देते थे। इसके बाद मौका पाकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में रुपयों को बाहर तस्करी कर लिया जाता था। इसी बीच, मुख्य आरोपी अविनाश के भाई अमित शुक्ला का हाथ में नोटों की गड्डियां लिए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसकी पुलिस बारीकी से जांच कर रही है। दूसरी ओर, इस मामले को लेकर अयोध्या के स्थानीय कानूनविदों में भी भारी आक्रोश है। अयोध्या बार एसोसिएशन के वकीलों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए पुलिस में लिखित शिकायत दी है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि पुलिस ने उन्हें उचित कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का पूरा आश्वासन दिया है। दोषी बचे नहीं, निर्दोष फंसे नहीं: प्रकाश गुप्ता इस पूरे घटनाक्रम पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की वकालत करते हुए कहा कि दोषी किसी भी कीमत पर बचने नहीं चाहिए, लेकिन इस जांच की आड़ में किसी ऐसे निर्दोष व्यक्ति को बेवजह नहीं फंसाया जाना चाहिए जो वहां वर्षों से निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहा था। इस बीच, इस महाघोटाले को लेकर देश की सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर दान में कथित बड़ी अनियमितताओं के आरोप लगाए जाने के बाद सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। इसके जवाब में भाजपा नेताओं और पंकज चौधरी ने विपक्ष पर पवित्र मंदिर के नाम पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने साफ किया कि मामले की एसआईटी जांच पूरी तरह पारदर्शी है, अब तक 8 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है और सनातन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Breaking News: शाहरुख खान ने अमेरिका में लॉस एंजेलिस नाइट राइडर्स के अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का किया अनावरण ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]