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EPF Scheme 2026: 8 करोड़ कर्मचारियों के लिए बदले पीएफ के नियम; जानें कंट्रीब्यूशन से लेकर निकासी तक के नए प्रावधान

by Tarun Bhardwaj • July 2, 2026
PF rules changed for employees

EPF Scheme 2026: 8 करोड़ कर्मचारियों के लिए बदले पीएफ के नियम; जानें कंट्रीब्यूशन से लेकर निकासी तक के नए प्रावधान

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यूनिक समय, नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करीब आठ करोड़ एक्टिव अंशधारकों को नए साल का बड़ा तोहफा देते हुए पीएफ नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। केंद्र सरकार द्वारा नोटिफाई की गई नई ‘EPF Scheme 2026’ के तहत पीएफ अंशदान (Contribution) की सीमा से लेकर पीएफ खाते से एडवांस पैसा निकालने (Withdrawal) के नियमों को बेहद लचीला और सुगम बना दिया गया है। इन नए बदलावों का सीधा उद्देश्य कर्मचारियों को उनकी टेक-होम सैलरी (हाथ में आने वाला वेतन) पर अधिक नियंत्रण देना और आपातकालीन स्थिति में पीएफ निकासी की प्रक्रिया को सरल बनाना है।

15,000 की सैलरी तक ही 12% पीएफ अनिवार्य

नए नियमों के तहत ईपीएफओ ने अनिवार्य भविष्य निधि अंशदान के गणित को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है, जिसके अनुसार अब 12% का अनिवार्य पीएफ अंशदान सिर्फ 15,000 रुपये प्रति माह की वैधानिक वेतन सीमा तक ही लागू होगा। इसके साथ ही संगठन ने अनिवार्य पीएफ कंट्रीब्यूशन के रूप में 1,800 रुपये की अधिकतम सीमा को बरकरार रखा है, जिसका सीधा मतलब यह है कि यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन (Basic Salary) 1 लाख रुपये प्रति माह भी है, तो भी ईपीएफ के तहत उसके वेतन से अनिवार्य रूप से सिर्फ 1,800 रुपये ही पीएफ खाते में कटेंगे। इस सीमा से अधिक का कोई भी अंशदान अब पूरी तरह ‘स्वैच्छिक’ (Voluntary) माना जाएगा, जिससे उच्च वेतनभोगी कर्मचारियों को यह तय करने की पूरी आजादी मिलेगी कि वे अपनी सैलरी का कितना हिस्सा पीएफ में बचाना चाहते हैं।

जब चाहें कम या बंद कर सकेंगे एक्स्ट्रा कंट्रीब्यूशन

जारी अधिसूचना के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी रिटायरमेंट के लिए बड़ी बचत करना चाहता है, तो वह वैधानिक सीमा से अधिक स्वैच्छिक आधार पर अतिरिक्त पीएफ कंट्रीब्यूशन (VPF) का विकल्प चुन सकता है।

नए नियमों में कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) को यह छूट दी गई है कि वे किसी भी समय इस अतिरिक्त (एक्स्ट्रा) कंट्रीब्यूशन की राशि को कम कर सकते हैं या पूरी तरह बंद कर सकते हैं। इसके अलावा, नियोक्ता चाहे तो कर्मचारी के स्वैच्छिक अंशदान के बराबर अपनी तरफ से राशि दे सकता है, लेकिन ऐसा करना कंपनी या नियोक्ता के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं होगा।

निकासी की 13 कैटेगरी घटकर हुईं सिर्फ 3

कर्मचारियों को सबसे बड़ी राहत पीएफ खाते से एडवांस फंड निकालने के नियमों में दी गई है। पहले से चली आ रही जटिल 13 अलग-अलग निकासी कैटेगरी को समाप्त करके अब केवल तीन मुख्य श्रेणियों में सीमित कर दिया गया है। केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) द्वारा अनुमोदित इन सुधारों के बाद अब कर्मचारी निम्नलिखित तीन आधारों पर सालाना कई बार आसानी से पैसा निकाल सकेंगे:

Essential Needs (आवश्यक जरूरतें): इसके तहत गंभीर बीमारी के इलाज, उच्च शिक्षा और स्वयं या बच्चों के विवाह के लिए पैसा निकाला जा सकेगा।

Housing Needs (आवास की जरूरतें): घर या जमीन की खरीद, मकान निर्माण और आवास से संबंधित अन्य खर्चों के लिए।

Special Circumstances (विशेष परिस्थितियां): पुरानी योजनाओं की अन्य तमाम आपातकालीन स्थितियों को इस एकल विंडो में शामिल किया गया है।

खाते में रखनी होगी 25% राशि

नई योजना के तहत ईपीएफओ सदस्यों को आपात स्थिति में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के कुल अंशदान को मिलाकर अपनी पात्र राशि का 100% तक निकालने की अनुमति होगी। हालांकि, भविष्य निधि के मूल उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संगठन ने एक सुरक्षा घेरा भी लगाया है।

इसके तहत निकासी के बावजूद कर्मचारी को अपने पीएफ खाते में कुल योगदान का कम से कम 25% हिस्सा हमेशा बरकरार रखना होगा, ताकि रिटायरमेंट के समय उनके पास एक निश्चित फंड सुरक्षित रहे। आपको बता दें कि ईपीएफओ की मूल सदस्यता की पात्रता से जुड़े नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

नियोक्ताओं के लिए कड़े निर्देश

EPF Scheme 2026 के लागू होने के साथ ही कंपनियों और नियोक्ताओं के लिए भी अनुपालन नियम तय कर दिए गए हैं। अब हर नियोक्ता को इस नई योजना के प्रभावी होने के 15 दिनों के भीतर ‘Form-V’ में अपने सभी कर्मचारियों का कंसोलिडेटेड रिटर्न डिटेल (एकत्रित विवरण) ईपीएफओ के समक्ष पेश करना अनिवार्य होगा।

इस रिटर्न में कंपनी में काम करने वाले सभी वैध कर्मचारियों का पूरा डेटा शामिल होना चाहिए, जिसमें कर्मचारियों के आवश्यक सरकारी पहचान पत्र (जैसे पैन कार्ड आदि), UAN नंबर, ग्रॉस वेजेस (कुल वेतन) और ईपीएफ वेजेस का सटीक विवरण दर्ज करना होगा।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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