गर्म तेल गिरने से गंभीर रूप से घायल सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल मथुरा। मथुरा रिफाइनरी में चल रहे शटडाउन के दौरान बुधवार सुबह एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। फ्लूइड कैटेलिटिक क्रैकिंग (FCC) यूनिट के ओएफसी सेक्शन में मेंटेनेंस कार्य के दौरान अचानक गर्म तेल के छींटे पड़ने से दो संविदा श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को पहले रिफाइनरी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के अपोलो अस्पताल रेफर कर दिया गया। इनमें एक श्रमिक की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, रिफाइनरी क्षेत्र के पीलुआ गांव निवासी संविदा श्रमिक दीनदयाल उर्फ दीना तथा उनके साथ कार्यरत रफीक ओएफसी यूनिट में वॉल्व खोलने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक अत्यधिक गर्म तेल बाहर निकल आया और दोनों उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सहकर्मियों ने तत्काल दोनों को बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद रिफाइनरी के संविदा श्रमिकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश है। श्रमिकों का आरोप है कि शटडाउन जैसे अत्यधिक जोखिम वाले कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। उनका कहना है कि इस प्रकार के कार्य में हीटिंग सूट अनिवार्य होता है, लेकिन संबंधित श्रमिकों को केवल आईएफआर (IFR) सूट पहनाकर काम कराया गया, जो गर्म तेल से पर्याप्त सुरक्षा देने में सक्षम नहीं है। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही के कारण यह गंभीर हादसा हुआ। हादसे के बाद सुरक्षा प्रबंधन और ठेका प्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रमिकों का कहना है कि यदि निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाता तो इस दुर्घटना से बचा जा सकता था। मामले को लेकर रिफाइनरी प्रमुख मुकुल अग्रवाल से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई। वहीं, रिफाइनरी प्रबंधन ने जारी बयान में बताया कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे फ्लूइड कैटेलिटिक क्रैकिंग (FCC) यूनिट में मेंटेनेंस कार्य के दौरान यह घटना हुई। गर्म तेल के छींटे पड़ने से दो संविदा श्रमिक घायल हुए, जिन्हें तत्काल रिफाइनरी अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए दिल्ली के अपोलो अस्पताल भेजा गया है। प्रबंधन का कहना है कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है तथा घटना के बावजूद रिफाइनरी का संचालन सामान्य रूप से जारी है।