यूनिक समय, मथुरा। कान्हा की नगरी में इस समय पड़ रही भीषण और रिकॉर्डतोड़ गर्मी के बीच चरमराई विद्युत आपूर्ति ने स्थानीय नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। लगातार अघोषित बिजली कटौती और विभागीय लापरवाही से परेशान जयसिंहपुरा क्षेत्र के लोगों के सब्र का बांध आखिरकार रविवार को टूट गया। जयसिंहपुरा में पिछले पांच दिनों से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रहने से आक्रोशित सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने मथुरा-वृंदावन मुख्य मार्ग पर तख्तियां लेकर चक्काजाम कर दिया। सड़क पर ही बैठकर प्रदर्शनकारियों ने विद्युत निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तत्काल बिजली और पानी की व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई। इस औचक जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और तीर्थयात्रियों को चिलचिलाती धूप में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जयसिंहपुरा समेत कई इलाकों में भी हाहाकार मथुरा के इस बड़े बिजली संकट पर क्षेत्रीय पार्षद राकेश भाटिया ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए बताया कि केवल जयसिंहपुरा ही नहीं, बल्कि गोविंद नगर, कृष्णा नगर, लक्ष्मी नगर और उसके आसपास के कई घने बसे रिहायशी इलाकों में पिछले दो दिनों से बिजली व्यवस्था पूरी तरह से वेंटिलेटर पर आ गई है। कई इलाकों में लगातार घंटों तक बिजली गुल रहने के कारण लोग इस भीषण उमस और गर्मी में जागकर रातें काटने को मजबूर हैं। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि लगातार बिजली कटौती के कारण अब मथुरा के इन इलाकों में गंभीर पेयजल संकट (Water Crisis) भी गहरा गया है। बिजली न आने की वजह से घरों में पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिससे लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे स्थानीय नागरिकों ने रोष जताते हुए कहा कि घर में रखे इनवर्टर भी पूरी तरह से ठप हो चुके हैं, जिसके कारण छोटे बच्चे, नवजात शिशु, बुजुर्ग और घर में मौजूद बीमार लोग इस जानलेवा गर्मी में सबसे ज्यादा तड़प रहे हैं। ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की पुरानी बीमारी सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों और व्यापारियों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और आए दिन होने वाले फॉल्ट की समस्या बनी हुई है। गर्मी की शुरुआत से ही कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद बिजली विभाग की ओर से इस समस्या का कोई भी स्थायी तकनीकी समाधान नहीं किया गया। लोगों का सीधा आरोप था कि विद्युत विभाग के आला अधिकारी और सब-स्टेशन के कर्मचारी फोन तक नहीं उठाते और जब भी बात होती है, तो वे केवल 'जल्द ठीक होने' का खोखला आश्वासन देकर आम जनता को टरका देते हैं, लेकिन धरातल पर सुधार के नाम पर शून्य दिखाई देता है। लगातार बिजली गायब रहने से स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों का धंधा चौपट हो रहा है, वहीं दूसरी ओर कोचिंग और परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई भी पूरी तरह प्रभावित हो रही है। [embedpress]https://www.instagram.com/reel/DZCFTLGmULp/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA[/embedpress] विद्युत उपकेंद्र पर भी हुआ भारी हंगामा सड़क मार्ग पर लंबा जाम लगाने के बाद भी जब कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा, तो उग्र भीड़ ने सीधे स्थानीय विद्युत उपकेंद्र (Sub-station) का घेराव कर दिया और वहां मौजूद स्टाफ को आड़े हाथों लेते हुए जमकर हंगामा काटा। बिजलीघर पर हंगामे और मुख्य मार्ग पर चक्काजाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और विद्युत निगम के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित जनता को शांत करने का प्रयास किया और तकनीकी फॉल्ट को जल्द से जल्द दूर कर पूरी क्षमता के साथ बिजली आपूर्ति बहाल करने का लिखित व मौखिक भरोसा दिलाया। पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ काफी देर तक चली मान-मनौव्वल और वार्ता के बाद नागरिकों ने इस चेतावनी के साथ जाम समाप्त किया कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर बिजली और पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो ब्रजवासी सड़कों पर उतरकर इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Karnataka: डीके शिवकुमार चुने गए कांग्रेस विधायक दल के नेता, 3 जून को लेंगे नए मुख्यमंत्री पद की शपथ ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]