यूनिक समय, मथुरा। ब्रज के प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले की शुरुआत में अब बेहद कम समय बचा है, लेकिन श्रद्धालुओं की अगवानी के लिए गोवर्धन रेलवे स्टेशन पर तैयारियां अभी भी अधूरी पड़ी हैं। आगामी 23 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के गोवर्धन पहुंचने की संभावना है। मेले के दौरान एक बड़ी आबादी सुगम और किफायती सफर के लिए ट्रेनों का सहारा लेती है और सीधे स्टेशन पहुंचकर गिरिराज जी की परिक्रमा शुरू करती है। इसके बावजूद, रेलवे प्रशासन द्वारा स्टेशन पर मूलभूत यात्री सुविधाएं तक दुरुस्त नहीं की जा सकी हैं, जिससे श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पानी नहीं रेलवे स्टेशन के धरातलीय निरीक्षण में यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव देखने को मिला है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो पर यात्रियों के लिए पीने के पानी (पेयजल) की कोई समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही, मुड़िया मेले जैसे संवेदनशील और भारी भीड़भाड़ वाले अवसर पर भी सुरक्षा के लिहाज से अभी तक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे स्थापित नहीं किए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह लापरवाही किसी बड़े खतरे को दावत दे सकती है। टूटी पड़ी हैं सोलर लाइटें समस्याएं यहीं खत्म नहीं होतीं; प्लेटफॉर्म पर प्रकाश व्यवस्था के लिए लगाई गई सोलर लाइटें पूरी तरह खराब होकर टूटी अवस्था में जमीन पर पड़ी दिखाई दे रही हैं। यदि मेले की शुरुआत से पहले इन्हें ठीक नहीं किया गया, तो रात के समय स्टेशन पर आने वाले हजारों परिक्रमार्थियों और यात्रियों को घने अंधेरे के बीच भारी असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ेगा। मुड़िया मेले के दौरान उमड़ने वाली अभूतपूर्व भीड़ को देखते हुए स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने रेल प्रशासन से इन सभी अव्यवस्थाओं को तत्काल प्रभाव से दूर करने की पुरजोर मांग की है। 22 जुलाई तक हर हाल में पूरी होंगी व्यवस्थाएं स्टेशन पर पसरी इन तमाम खामियों और यात्रियों की चिंताओं को लेकर जब रेलवे स्टेशन प्रभारी संजीव कुमार से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि आगामी मुड़िया मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्टेशन प्रशासन लगातार सक्रिय है और आवश्यक व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता को भरोसा दिलाते हुए स्पष्ट आश्वासन दिया कि 23 जुलाई से मेला विधिवत रूप से शुरू हो रहा है, इसलिए उससे ठीक एक दिन पहले यानी 22 जुलाई की शाम तक पेयजल, सुदृढ़ प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा सहित सभी अनिवार्य नागरिक सुविधाओं को पूरी तरह बेहतर और चुस्त-दुरुस्त कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो और वे एक सुरक्षित व सुगम यात्रा का अनुभव लेकर लौटें। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Vikram 1: स्काईरूट एयरोस्पेस ने लॉन्च किया देश का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’; पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक शुरुआत ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]