यूनिक समय, नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के 18वें दिन भी जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन और राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा जारी रहा। हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन को चलने दे। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर घटनाक्रम पर सीधे गृह मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराते हुए अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है। अमित शाह की विपक्ष को चुनौती सदन में जारी गतिरोध पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ किया है कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वे हर मुद्दे पर बात करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष के पाले में गेंद डालते हुए शर्त रखी कि विपक्ष आज दोपहर 2 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपकर लिखित में दे कि वे चर्चा चाहते हैं। इसके बाद आज दोपहर 3 बजे से ही चर्चा शुरू कराई जा सकती है, जिसमें गृह मंत्री खुद सदन में बैठकर सभी सांसदों की बात सुनेंगे और कल दोपहर 3 बजे विस्तृत जवाब देंगे। इसके साथ ही शाह ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि वे 'भाग गए' और 'लापता' जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे खुद सदन को चलने नहीं दे रहे हैं और सरकार यह भी उजागर करेगी कि विपक्ष आखिर चर्चा से क्यों भाग रहा है। राहुल गांधी का पलटवार केंद्रीय गृह मंत्री के बयान के तुरंत बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तीखा हमला बोलते हुए स्पष्ट किया कि विपक्ष को गृह मंत्री के भाषणों में कोई दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वे जवाबदेही चाहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि चूंकि दिल्ली पुलिस और आरएएफ (RAF) दोनों गृह मंत्रालय के अधीन काम करते हैं, इसलिए छात्रों पर लाठीचार्ज करने और गोलियां चलाने का आदेश किसने दिया, इसका स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। इसके साथ ही राहुल गांधी ने मांग की कि यदि अमित शाह ने यह आदेश नहीं दिया था या उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी नहीं है, तो उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। मानसून सत्र का आखिरी दौर उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन और राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष लगातार संसद में गृह मंत्री के बयान और चर्चा पर अड़ा हुआ है। मानसून सत्र के समापन से ठीक एक दिन पहले भी दोनों सदनों में जोरदार नारेबाजी हुई, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सरकार का दावा है कि विपक्ष लगातार गोलपोस्ट बदल रहा है, जबकि विपक्ष का कहना है कि इन दोनों प्रमुख विषयों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने दिया इस्तीफा; AGM से पहले बड़ा फैसला, फरवरी 2027 तक संभालते रहेंगे कमान ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]