यूनिक समय, नई दिल्ली। बिहार के मुजफ्फरपुर से एक बेहद दर्दनाक, खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आ रही है। मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित 'प्रसाद हॉस्पिटल' की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू (ICU) वार्ड में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे अचानक भीषण आग लग गई। इस भयावह हादसे में अब तक 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं। बताया जा रहा है कि आग पहले शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी और उसके तुरंत बाद आईसीयू में लगे एसी (AC) में जोरदार ब्लास्ट हो गया। धमाके के साथ ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरे अस्पताल परिसर में घना और जहरीला धुआं भर गया, जिससे चारों तरफ चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। मरीजों को तड़पता छोड़ भागा अस्पताल स्टाफ हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की बड़ी संवेदनहीनता सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिजनों का आरोप है कि आग लगते ही डॉक्टर, नर्स और पूरा अस्पताल स्टाफ मरीजों को तड़पता और जिंदगी की भीख मांगता छोड़कर मौके से भाग खड़ा हुआ। जब दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तब भी अधिकांश स्टाफ वहां से नदारद था। चूंकि आईसीयू वार्ड पांचवीं मंजिल पर था, इसलिए राहत और बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दमकलकर्मियों और स्थानीय लोगों ने जान पर खेलकर आईसीयू और दूसरे वार्डों की खिड़कियों के शीशे तथा दरवाजे तोड़े और अंदर फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। बदहवास परिजन अपने मरीजों को स्ट्रेचर और हाथों में उठाकर बदहवास भागते नजर आए। 93 साल की बुजुर्ग मरीज ने दिखाई बहादुरी इस भयावह मंजर के बीच आईसीयू में भर्ती 93 साल की बुजुर्ग मरीज राधा देवी की सूझबूझ से कई लोगों की जान बच सकी। उन्होंने बताया, ‘मैं आईसीयू बेड पर थी कि अचानक धुआं भरने लगा। मैंने तुरंत अपना ऑक्सीजन मास्क हटाया और किसी तरह वार्ड से बाहर भागकर गार्ड को आग लगने की जानकारी दी।’ वहीं, दूसरी ओर स्थानीय निवासी धीरज गिरी ने बताया कि वार्ड में धुआं इतना घना था कि कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था और लोग बेड पर ही तड़प रहे थे। चश्मदीदों और ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि मौत का असली आंकड़ा छिपाने के लिए पुलिस जल्दबाजी में घटनास्थल से शवों को लेकर चली गई। लोगों का दावा है कि मृतकों की संख्या बताई जा रही संख्या से कहीं अधिक हो सकती है। डीएम बोले— लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई हादसे में जान गंवाने वाले पांच मृतकों में से तीन की पहचान हो चुकी है, जिनमें गीता देवी, 57 वर्षीय उदय कुमार और 30 वर्षीय शशांक कुमार शामिल हैं, जबकि अन्य की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। मुजफ्फरपुर के डीएम सुब्रत कुमार ने बताया कि हादसे के समय आईसीयू में कुल 15 मरीज गंभीर हालत में एडमिट थे। सभी घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर जिले के अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि अस्पताल की इस घोर लापरवाही की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। [embedpress]https://www.instagram.com/reel/DZJ6pYsisdh/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA[/embedpress] सीएम सम्राट चौधरी ने जताया गहरा दुख बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है। शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें।" इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को ढाढस बंधाते हुए जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं कि इस अग्निकांड में जान गंवाने वाले सभी मृतकों के आश्रितों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान (मुआवजा) प्रदान किया जाए और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाए। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: महाविद्या कॉलोनी में दूध की दुकान में घुसकर दुकानदार को बेरहमी से पीटा; CCTV में कैद हुई वारदात ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]