यूनिक समय, नई दिल्ली। दिवाली से ठीक एक दिन पहले, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। साल 2025 में छोटी दिवाली 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता है कि इसी तिथि पर भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था, इसीलिए यह त्योहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण और माता लक्ष्मी की पूजा के साथ-साथ श्रीराम और माता सीता का पूजन भी बेहद शुभ माना जाता है। पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व पंचांग के अनुसार, चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 19 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 53 मिनट पर होगी, और इसकी समाप्ति 20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 46 मिनट पर होगी। पूजा का शुभ मुहूर्त: छोटी दिवाली की पूजा हमेशा सूर्यास्त के बाद की जाती है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 47 मिनट से रात्रि 9 बजे तक रहेगा। इस दिन भगवान कृष्ण, माता लक्ष्मी, यमराज और हनुमान जी की पूजा का विशेष विधान है। छोटी दिवाली पर पूजा की विधि छोटी दिवाली की शाम को सूर्यास्त के बाद पूजा शुरू करनी चाहिए। सबसे पहले पूजा स्थल की साफ-सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें। इसके बाद भगवान गणेश की स्तुति के साथ पूजा का शुभारंभ करें। पूजा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के मंत्रों, माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें और हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। देवी-देवताओं को फल, फूल और अक्षत (चावल) आदि अर्पित करें। पूजा के दौरान दक्षिण दिशा में यमराज के नाम से यम का दीपक अवश्य जलाना चाहिए। पूजा के अंत में माता लक्ष्मी और भगवान कृष्ण की आरती करें और परिवार के सदस्यों में प्रसाद वितरित करें। पूजा की समाप्ति के बाद घर के अलग-अलग कोनों में दीपक जलाएं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। ये भी पढ़ें: प्री-डायबिटीज़ को मात देने के 7 वैज्ञानिक तरीके; वज़न घटाने, व्यायाम और बेहतर नींद से सामान्य हो सकता है ब्लड शुगर