नेशनल हेराल्ड: चौथी बार ईडी के सवालों का सामना करेंगे राहुल गांधी, बीजेपी बोली—कोई भी विक्टोरिया राजकुमार नहीं

नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी 20 जून को चौथी बार प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए। उनसे पहले भी तीन बार पूछताछ हो चुकी है। इससे पहले 13, 14 और 15 जून को उनसे कई घंटे पूछताछ हुई थी। उधर, राहुल गांधी के जवाबों से से प्रवर्तन निदेशालय संतुष्ट नहीं है। बता दें कि 19 जून को राहुल गांधी का 52वां बर्थ-डे था। इस दौरान कांग्रेस ने देशभर में ED और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार राहुल गांधी के खिलाफ बदले की राजनीति कर रही है। राहुल गांधी की पूछताछ से पहले कांग्रेस कांग्रेस नेता अजय माकन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि कांग्रेस आज ईडी दफ्तर तक मार्च नहीं करेगी, बल्कि जंतर-मंतर पर सत्याग्रह करेगी। हालांकि पुलिस ने जंतर-मंतर पर भी अधिकतम एक हजार लोगों को जुटने की अनुमति दी।

ED के दफ्तर जाते समय घर से निकलते वक्त राहुल गांधी के साथ कार में प्रियंका गांधी भी थीं। सुबह प्रियंका वाड्रा तुगलक रोड स्थित राहुल गांधी के आवास पहुंची थीं। यहां दोनों ने अपने वकील से सलाह-मश्वरा भी किया। नेशनल हेराल्ड केस में राहुल के अलावा सोनिया गांधी, सुमन दुबे और सैम पित्रौदा भी आरोपी हैं। दो आरोपियों ऑस्कर फर्नांडिस और मोतीलाल वोरा अब इस दुनिया में नहीं रहे।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक बयान में कहा कि राहुल गांधी को पता होना चाहिए कि ईडी एक प्रवर्तन निदेशालय है, एंटाइटेलमेंट डिमांड नहीं। कांग्रेस की मांग है कि हम पहले परिवार से हैं और हमारी जांच कैसे हो रही है? SC ने भी कह चुकी है कि उन्हें मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।इस देश में कोई महारानी विक्टोरिया या राजकुमार नहीं है कि उनकी जांच नहीं होगी, कानून सभी के लिए समान है। भ्रष्टाचार के लिए सभी की जांच की जा रही है। जनता एक परिवार की संलिप्तता और नेशनल हेराल्ड घोटाले के माध्यम से देश के धन के दुरुपयोग में राहुल गांधी की भूमिका के बारे में जानती है।

 

ED ने राहुल गांधी को 17 जून को फिर पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उन्होंने सोमवार तक की छूट मांगी थी। राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी कोरोना संक्रमित हैं, इसलिए ईडी ने 17-20 जून तक के लिए छूट दे दी थी। ईडी नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार की भूमिका की जांच कर रहा है। इसमें यंग इंडियन का एजेएल (एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड) अधिग्रहण शामिल है। एजेएल वह कंपनी जो नेशनल हेराल्ड अखबार चलाती है, जो कांग्रेस का मुखपत्र है।

इस मामले को लेकर कांग्रेस 20 जून को कांग्रेस ने देश भर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से भी मुलाकात करेगा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा राहुल गांधी से पूछताछ के विरोध में दिल्ली पुलिस द्वारा पार्टी सांसदों के साथ कथित बदसलूकी और उत्पीड़न को उनके संज्ञान में लाएगा। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को ट्विटर पर कहा था, “कल देश भर में लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता युवा विरोधी अग्निपथ योजना के खिलाफ और मोदी सरकार की प्रतिशोध की राजनीति के खिलाफ अपने नेता राहुल गांधी, सांसद को निशाना बनाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।”

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी, पी चिदंबरम, केसी वेणुगोपाल और रमेश सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें पार्टी सांसदों के साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में अवगत कराएंगे। इससे पहले कांग्रेस नेताओं का अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल पहले ही राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिल चुका है।

कुछ समय पहले ED ने प्रिवेंशन आफ मनी लान्ड्रिंग एक्ट-2002(PMLA) के तहत एक नया मामला दर्ज किया था। मामले की शुरुआत 2013 में हुई थी, जब एक लोअर कोर्ट ने बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आयकर विभाग की जांच का संज्ञान लिया था। 1938 में कांग्रेस पार्टी ने एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (AJL) बनाई थी। नेशनल हेराल्ड अखबार यही पब्लिश करती थी। 26 फरवरी 2011 को AJL पर 90 करोड़ से ज्यादा का कर्ज था। इसे उतारने यंग इंडिया लिमिटेड नाम से एक नई कंपनी बनाई गई। इसमें राहुल और सोनिया की हिस्सेदारी 38-38% थी। यंग इंडिया को AJL के 9 करोड़ शेयर दिए थे। आरोप है कि इसी पैसे में गड़बड़ी हुई।

 

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