Fri, Jun 5th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

Nimisha Priya News: भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की बची जान, यमन ने रद्द की फांसी की सजा

by Arpita Singh • July 29, 2025
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा यमन में रद्द कर दी गई है। इस बात की पुष्टि भारत के ग्रैंड मुफ्ती कंथापुरम ए. पी. अबुबकर मुसल्लर के कार्यालय ने की है। हालांकि, यमन सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है।

भारतीय मूल की नर्स निमिषा प्रिया, जिन्हें यमन में अपने व्यवसायिक साझेदार की हत्या के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी, अब फांसी से बच गई हैं। ग्रैंड मुफ्ती के कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि सना (यमन की राजधानी) में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह मामला 2018 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा है।

निमिषा को 2018 में हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था और 2020 में उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, अब यह सजा रद्द कर दी गई है। इस निर्णय को मानवीय आधार पर हुई अंतरराष्ट्रीय अपीलों और भारत सरकार द्वारा किए गए कूटनीतिक प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।

केरल के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली निमिषा प्रिया बेहतर जीवन की तलाश में 2008 में यमन पहुंची थीं। उन्होंने 2011 में टॉमी थॉमस से विवाह किया और सना में बस गईं। इस दंपति की एक बेटी भी है। दोनों ने मिलकर वहां एक मेडिकल क्लिनिक शुरू करने की कोशिश की, लेकिन यमन के कानूनों के अनुसार विदेशी नागरिक स्वतंत्र रूप से व्यवसाय नहीं चला सकते, जिसके चलते उन्हें एक स्थानीय पार्टनर की आवश्यकता पड़ी।

निमिषा ने तलाल अब्दो महदी नामक व्यक्ति को साझेदार बनाया, लेकिन बाद में यह साझेदारी तनावपूर्ण हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, महदी ने न सिर्फ उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी बल्कि उनके पासपोर्ट को भी जब्त कर लिया ताकि वह देश छोड़ न सकें। 2017 में, निमिषा ने कथित तौर पर महदी को बेहोश कर पासपोर्ट वापस पाने की कोशिश की, लेकिन उस प्रयास में महदी की मृत्यु हो गई।

इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और मुकदमा चलने के बाद 2020 में फांसी की सजा सुनाई गई। मामला जब यमन के राष्ट्रपति और हूती प्रशासन तक पहुंचा, तो उन्होंने भी सजा पर अपनी मुहर लगा दी।

इस फैसले के खिलाफ भारत में व्यापक धार्मिक, कानूनी और कूटनीतिक अभियान चलाया गया। विशेष रूप से ग्रैंड मुफ्ती की पहल पर उच्चस्तरीय बातचीत और मध्यस्थता के बाद अब निमिषा की मौत की सजा को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।

हालांकि भारत की ओर से राहत की खबरें मिल रही हैं, लेकिन यमन सरकार की ओर से इस पर अंतिम आधिकारिक मुहर लगनी अभी बाकी है। फिर भी यह फैसला निमिषा के परिवार और भारत में उनके समर्थकों के लिए एक बड़ी राहत है।

ये भी पढ़ें:- थाईलैंड: बैंकॉक के बाजार में दिनदहाड़े हुई अंधाधुंध फायरिंग, हादसे में 6 लोगों की मौत 

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.