यूनिक समय, नई दिल्ली। वैश्विक उथल-पुथल और पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में देश के पहले 'ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स' का भव्य उद्घाटन किया। यह कॉम्प्लेक्स भारत के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने वैश्विक ईंधन संकट का जिक्र किया और बताया कि कैसे भारत की मजबूत कूटनीति, प्रभावी रणनीति और इच्छाशक्ति ने दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को मात दी है। पश्चिमी एशिया के युद्ध से दुनिया में हाहाकार, पर भारत सुरक्षित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पचपदरा की धरती से देश की सामर्थ्य का लोहा मनवाते हुए कहा कि वर्तमान में पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में त्राहि-माम मचा हुआ है। हर छोटा-बड़ा देश इस समय ईधन की भारी किल्लत और आर्थिक मंदी से जूझ रहा है। इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया है, लेकिन भारत इस संकट से पूरी तरह उबरने में कामयाब रहा। पीएम मोदी ने कहा, "21वीं सदी के इस सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर नए भारत की इच्छाशक्ति और निरंतर किए गए प्रयास भारी पड़े हैं। भारत ने समय रहते संकट का सटीक आकलन किया, प्रभावी रणनीतियां बनाईं, अपने आंतरिक संसाधनों का संतुलित प्रयोग किया और अपनी 'डिप्लोमेटिक पावर' (कूटनीतिक ताकत) का सकारात्मक इस्तेमाल किया।" अफवाहें फैलाने वालों को पीएम ने दिया कड़ा जवाब प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए विपक्ष और कुछ अन्य ताकतों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश संकट के मुहाने पर था, तब कुछ ताकतें सार्वजनिक तौर पर केवल अफवाहें और आशंकाएं फैलाने में व्यस्त थीं। लोगों को डराया जा रहा था, भड़काया जा रहा था और इस गंभीर मुद्दे पर भी राजनीति के खेल खेले जा रहे थे, लेकिन गलत इरादे रखने वाले लोग कभी सफल नहीं हो पाए। उन्होंने देश के नीतिगत प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जब बाहर अफवाहें चल रही थीं, तब सरकार के स्तर पर दिन-रात युद्धस्तर पर काम हो रहा था। उन्होंने कहा, "वह मेहनत, वह प्रयास, वह धैर्य और नीतिगत-कूटनीतिक स्तर पर उठाया गया हमारा एक-एक संवेदनशील कदम कभी न कभी इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। हमारे दूर-दराज के इलाकों में भी छोटी-मोटी अड़चनों के अलावा ईंधन की सप्लाई में कोई बड़ी चुनौती नहीं आने दी गई।" सरकारी खजाने से भरा गया 75,000 करोड़ का घाटा देश के मध्यम वर्ग और आम नागरिकों को दी गई राहत का आंकड़ा साझा करते हुए पीएम मोदी ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने के कारण केवल अप्रैल से जून के बीच ही भारत की तेल कंपनियों को डीजल और पेट्रोल बेचने में 75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी-भरकम घाटा सहना पड़ा था। पीएम मोदी ने गर्व से कहा, "कंपनियों के इस 75,000 करोड़ रुपये के घाटे की पूरी जिम्मेदारी हमारी सरकार ने खुद आगे बढ़कर सरकारी खजाने से उठाई। इतना ही नहीं, हमने प्रति लीटर पर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) भी कम की, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार की इस मार का सीधा बोझ देश की गरीब और मध्यम वर्ग की जनता पर न पड़े।" नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Agra: शराब और कलह से तंग आकर पत्नी ने पति को खीर में दीं 20 नींद की गोलियां; बाथरूम में दफनाकर पक्का कराया फर्श ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]