यूनिक समय, नई दिल्ली। देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में सोमवार, 25 मई 2026 को देश के सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म पुरस्कार 2026' के पहले चरण का भव्य और गरिमामयी आयोजन किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने हाथों से विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम रोशन करने वाली 66 नामचीन और विलक्षण विभूतियों को इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इस वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या यानी 25 जनवरी को कुल 131 पद्म पुरस्कारों का एलान किया था, जिसके पहले भाग के रूप में आज सोमवार को कलाकारों, खिलाड़ियों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। दिवंगत 'ही-मैन' धर्मेंद्र का सम्मान लेने पहुंचीं हेमा मालिनी समारोह की शुरुआत गरिमामयी राष्ट्रगान के साथ हुई, लेकिन पूरा माहौल उस वक्त बेहद भावुक और संवेदनशील हो गया जब भारतीय सिनेमा के इतिहास के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक और 'ही-मैन' के नाम से मशहूर दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म विभूषण' से सम्मानित किया गया। धर्मेंद्र की तरफ से इस सर्वोच्च सम्मान को ग्रहण करने के लिए उनकी पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी मंच पर पहुंचीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पुरस्कार की ट्रॉफी और प्रमाणपत्र लेते वक्त हेमा मालिनी अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं और बेहद भावुक नजर आईं। वहीं दर्शक दीर्घा में बैठी धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की छोटी बेटी अहाना देओल अपने पिता को मिले इस ऐतिहासिक सम्मान और इस स्वर्णिम पल को देखकर पूरी तरह बिलख पड़ीं और उनकी आंखों से आंसू छलक आए। इस भावुक दृश्य को देखकर राष्ट्रपति भवन में मौजूद हर एक शख्स की आंखें नम हो गईं। वायलिन वादक डॉ. एन. राजम को भी 'पद्म विभूषण' सिनेमा के साथ-साथ संगीत जगत की महान हस्तियों को भी इस समारोह में सर्वोच्च सम्मान दिए गए। देश की प्रख्यात और प्रतिष्ठित वायलिन वादक डॉ. श्रीमती एन. राजम को कला के क्षेत्र में उनके अद्वितीय और अविस्मरणीय योगदान के लिए देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म विभूषण' से अलंकृत किया गया। इसके साथ ही, भारत के एड गुरु और विज्ञापन जगत की दुनिया का सबसे बड़ा नाम रहे दिवंगत पीयूष पांडे को कला और संचार के क्षेत्र में मरणोपरांत 'पद्म भूषण' सम्मान प्रदान किया गया। स्वर्गीय पीयूष पांडे का यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उनकी धर्मपत्नी नीता जोशी ने अत्यंत गर्व और भारी मन से मंच पर जाकर राष्ट्रपति के हाथों ग्रहण किया। इसके अलावा कला क्षेत्र से डॉ. आर गणेश को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। बंगाली सुपरस्टार सहित लोक कलाकारों को मिला 'पद्म श्री' सिनेमा, कला और लोक संस्कृति के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली कई हस्तियों को 'पद्म श्री' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जिसके तहत बंगाली सिनेमा के दिग्गज और देश के जाने-माने अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी को भारतीय सिनेमा में उनके शानदार योगदान के लिए वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया। इसके साथ ही पारंपरिक वाद्य यंत्र 'भपंग' के मशहूर वादक गफरुद्दीन मेवाती जोगी को कला के क्षेत्र में यह सम्मान मिला है, जबकि गुजरात के विख्यात लोक संगीतकार और ढोलक वादक मीर हाजी कासम को भी पद्म श्री प्रदान किया गया है। वहीं कला और पारंपरिक ग्रामीण थिएटर (तमाशा) के क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले रघुवीर खेडकर को भी राष्ट्रपति ने पद्म श्री से अलंकृत किया है। कला क्षेत्र में सम्मान पाने वाले दिग्गजों की पूरी सूची पद्म विभूषण: अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत) डॉ. श्रीमती एन राजम (वायलिन वादक) पद्म भूषण: डॉ. आर गणेश पीयूष पांडे (मरणोपरांत) पद्म श्री: बिस्वा बंधु (मरणोपरांत), भरत सिंह भारती, तागा राम भील, कुमार बोस, प्रोसनजीत चैटर्जी, गफरुद्दीन मेवाती जोगी, मीर हाजी कासम, रघुबीर खेडकर, आर. कृष्णनन कितना (मरणोपरांत), प्रोफेसर डॉ. लार्स क्रिस्चन कोच, तृप्ति मुखर्जी, हरीमाधाब मुखोपाध्याय (मरणोपरांत), धार्मिकलाल चुनीलाला पांड्या, गरिमेला बालाकृष्णा प्रसाद (मरणोपरांत), दीपिका रेड्डी, हरिचरण सैकैया, यमनम जतरा सिंह (मरणोपरांत), एन स्वामिनाथन और अरविंद वैद्य। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: ईरान डील पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दोटूक जबाब; बोले— ‘या तो बहुत बेहतरीन समझौता होगा या फिर कोई डील नहीं होगी’ [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]