नई दिल्ली। पीएम मोदी ने राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार को नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद के नाम से करने की घोषणा की। पीएम ने कहा-मेजर ध्यानचंद भारत के उन अग्रणी खिलाड़ियों में से थे जिन्होंने भारत के लिए सम्मान और गौरव लाया। यह सही है कि हमारे देश का सर्वोच्च खेल सम्मान उन्हीं के नाम पर रखा जाएगा। पीएम ने कहा- ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं। विशेषकर हॉकी में हमारे बेटे-बेटियों ने जो इच्छाशक्ति दिखाई है, जीत के प्रति जो ललक दिखाई है, वो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। https://twitter.com/narendramodi/status/1423538297842769921?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1423538297842769921%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fstatic.asianetnews.com%2Ftwitter-iframe%2Fshow.html%3Furl%3Dhttps%3A%2F%2Ftwitter.com%2Fnarendramodi%2Fstatus%2F1423538297842769921%3Fref_src%3Dtwsrc5Etfw देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। खेल रत्न भारत में दिया जाने वाला सबसे बड़ा खेल पुरस्कार है। इस पुरस्कार को भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया था। यह पुरस्कार हर साल खेल एवं युवा मंत्रालय द्वारा दिया जाता है। इस पुरस्कार की स्थापना 1991 में हुई थी। मेजर ध्यानचंद का जन्म इलाहाबाद में 29 अगस्त 1905 में हुआ था। वो भारतीय फील्ड हॉकी के भूतपूर्व खिलाड़ी एवं कप्तान थे। उन्हें हॉकी के जादूगर के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जब वो मैदान में खेलने को उतरते थे तो गेंद उनकी हॉकी स्टिक से चिपक सी जाती थी। उन्हें 1956 में भारत के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था।