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रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की ई-कैटरिंग, अब ट्रेन में मिलेगा मनपसंद खाना!

by यूनिक समय • January 16, 2021

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की ई-कैटरिंग, अब ट्रेन में मिलेगा मनपसंद खाना!

इस खबर को सुनें • हिंदी

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यूनिक समय, नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में ई-कैटरिंग सेवा को फिर से बहाल कर दिया है। हालांकि यह सुविधा अभी कुछ चुनिंदा स्टेशनों पर ही शुरू की जाएगी। जिन स्टेशनों पर ई-कैटरिंग सेवा दी जाएगी, वहां केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों के स्वास्थ्य संबंधी सभी नियमों का पालन किया जाएगा। गौरतलब है कि कोरोना महामारी को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन्स को देखते हुए ट्रेनों में खाना बनाना, एसी बोगियों में कंबल, तकिया और चद्दर की सर्विस बंद कर दी गई थी, लेकिन अब भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में ई-कैटरिंग सेवाओं को फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है।

IRCTC  की इस सुविधा के माध्यम से यात्री ऑनलाइन ही पसंदीदा रेस्टोरेंट से अपना खाना ऑर्डर कर सकते हैं। ऑर्डर करने के समय यात्रियों को यह बता दिया जाएगा कि उनका खाना किस स्टेशन पर और कितनी देर में पहुंचेगा। यात्री को कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी।

बता दें कि IRCTC  ने रेल मंत्रालय से चुनिंदा रेलवे स्टेशनों पर ई-केटरिंग सेवा शुरू करने की अनुमति मांगी थी, जिसे रेल मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है। कफउळउ जनवरी 2021 के अंतिम सप्ताह से संचालित करने के लिए तैयार है। भारतीय रेलवे ने ट्वीट कर बात की जानकारी दी। रेलवे ने ट्वीट में कहा, ‘रेलवे ने चयनित रेलवे स्टेशनों पर ई-केटरिंग सेवाओं को फिर से शुरू करने की अनुमति दी है।’

निर्देशों का होगा सख्ती से पालन
कंपनी ने सख्त दिशानिर्देश दिए हैं, जिसमें परिचालन के दौरान कई बार रेस्तरां के कर्मचारियों और डिलीवरी कर्मियों की थर्मल स्कैनिंग, नियमित अंतराल पर रसोई की सफाई, रेस्तरां के कर्मचारियों और डिलीवरी कर्मियों द्वारा सुरक्षात्मक फेस मास्क या फेस शील्ड का उपयोग शामिल है। साथ ही यह भी कहा गया है कि भोजन तभी तैयार करें जब शरीर का तापमान 99 डिग्रीा से कम हो।

डिलीवरी स्टाफ के लिए दिशानिर्देश
डिलीवरी स्टाफ के लिए दिशानिर्देश भी अच्छी तरह से निर्धारित किए गए हैं और उनका पालन किया जाना है। इनमें हाथ धोने के बाद ही ऑर्डर लेना, डिलीवरी कर्मियों द्वारा ‘आरोग्य सेतु’ ऐप का अनिवार्य इस्तेमाल, जीरो ह्यूमन कॉन्टैक्ट सुनिश्चित करने के लिए कॉन्टैक्टलेस डिलीवरी, प्रोटेक्टिव फेस मास्क या कवर का लगातार इस्तेमाल और डिलीवरी के बाद डिलीवरी बैग का सैनिटाइजेशन शामिल है।

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