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राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा; सीएम योगी की क्लीयर कट चेतावनी

by Tarun Bhardwaj • June 26, 2026
Champat Rai and Anil Mishra have resigned

राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा; सीएम योगी की क्लीयर कट चेतावनी

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यूनिक समय, लखनऊ। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले ने अब देश के सबसे बड़े धार्मिक और राजनीतिक घटनाक्रम का रूप ले लिया है। इस पूरे मामले में नैतिकता के आधार पर श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में अब तक का यह सबसे बड़ा और चौंकाने वाला कदम माना जा रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम पुलिस की एफआईआर (FIR) में शामिल नहीं है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि इस्तीफे के बाद अब इन दोनों दिग्गजों पर भी जांच की आंच तेजी से बढ़ सकती है।

कौन हैं चंपत राय?

अयोध्या राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नायक रहे चंपत राय का जन्म साल 1946 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था और वे बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा के प्रति गहराई से समर्पित रहे हैं। राम मंदिर आंदोलन में अपना जीवन पूरी तरह लगाने से पहले चंपत राय बंसल बिजनौर के आरएसएस डिग्री कॉलेज में केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) के प्रोफेसर के रूप में छात्रों को पढ़ाते थे। देश में आपातकाल (इमरजेंसी) के दौरान जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची, तब भी वे कॉलेज में क्लास ले रहे थे और इसके बाद उन्होंने करीब 18 महीने जेल में भी बिताए।

साल 1980-81 में प्रोफेसर पद से हमेशा के लिए इस्तीफा देकर वे संघ के पूर्णकालिक प्रचारक बन गए और उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया। वे 1980 के दशक से ही राम मंदिर आंदोलन से बेहद सक्रिय रूप से जुड़े रहे और 6 दिसंबर 1992 की कारसेवा में भी उन्होंने बेहद महत्वपूर्ण व अग्रिम भूमिका निभाई थी। जब से सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हुआ, तब से मंदिर निर्माण और ट्रस्ट के काम-काज को लेकर चंपत राय का नाम लगातार देश-विदेश की सुर्खियों में बना रहा है। हालांकि, हाल ही में राम मंदिर चंदा और चढ़ावा चोरी के इस बहुचर्चित व विवादित मामले में श्री राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय का नाम आने के बाद वे अचानक गंभीर सवालों और जांच के घेरे में आ गए हैं।

IT की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिसिया कार्रवाई बेहद तेज हो गई है। चंदा चोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों का सबसे पहले मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है, जिसके ठीक बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, उसके मुताबिक मंदिर परिसर में चढ़ावे की सुरक्षा और निगरानी में भारी ढिलाई बरती गई। इसके अलावा सुरक्षा के लिए तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को भी ठीक ढंग से लागू नहीं किया गया, जिसका फायदा उठाकर शातिर चोरों ने इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया।

चंपत राय के करीबियों पर कसा शिकंजा

इस पूरे स्कैम में गिरफ्तार किए गए 8 लोगों के आपसी रिश्तों और रसूख का भी बड़ा खुलासा हुआ है। पकड़े गए आरोपियों में चंपत राय का बेहद करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल है, जो पूरे परिसर पर अपना हुक्म चलाता था। पुलिस ने टिन्नू यादव के सगे भतीजे मनीष यादव को भी दबोचा है। इसके अलावा, एक और आरोपी लवकुश मिश्रा और उसके रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं, जिस सुभाष श्रीवास्तव पर कैश काउंटिंग की निगरानी की मुख्य जिम्मेदारी थी और जो सीधे ट्रस्टी अनिल मिश्रा को रिपोर्ट करता था, उसे भी पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

सीएम योगी की क्लीयर कट चेतावनी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। देवरिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने आस्था से खिलवाड़ करने वालों को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जन आस्था से जिसने भी खिलवाड़ किया है, वह किसी भी कीमत पर बचेगा नहीं। प्रशासन इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगा।

मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा, “मैंने 19 जून को ही स्पष्ट कर दिया था कि एसआईटी की रिपोर्ट आते ही बड़ा एक्शन होगा। ठीक एक हफ्ते बाद आज कार्रवाई आप सबके सामने है। जो भी राम मंदिर चढ़ावा चोरी के इस घिनौने कृत्य में शामिल है, उन सभी से एक-एक पाई का हिसाब-किताब चुकता किया जाएगा। एसआईटी की टीम हर एक आरोपी को पाताल से भी ढूंढ कर बाहर निकालेगी, किसी को कोई रियायत नहीं मिलेगी। सनातन आस्था के साथ जो भी खेलेगा, उसका अंजाम उसे भुगतना ही पड़ेगा।” इसके साथ ही सीएम योगी ने यह भी कहा कि राम मंदिर को लेकर अनाप-शनाप आरोप लगाने वालों की मंशा कभी ठीक नहीं रही है।

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