यूनिक समय, नई दिल्ली। रामनगरी अयोध्या में आज चैत्र रामनवमी के पावन अवसर पर एक बार फिर त्रेतायुग जैसा वैभव जीवंत हो उठा। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद बालक राम के दूसरे भव्य 'सूर्य तिलक' का साक्षी पूरा विश्व बना। ठीक दोपहर 12 बजे, जब भगवान का जन्म हुआ, तब अभिजीत मुहूर्त के दौरान सूर्य की नीली किरणों ने करीब 4 मिनट तक प्रभु रामलला के ललाट का अभिषेक किया। विज्ञान और अध्यात्म के इस अनूठे संगम ने राम मंदिर के गर्भगृह को दिव्य आलोक से भर दिया। 19 वर्षों तक नहीं बदलेगी सटीकता बेंगलुरु के वैज्ञानिकों द्वारा निर्मित विशेष ऑप्टो-मैकेनिकल उपकरणों के माध्यम से सूर्य की किरणों को मंदिर के शिखर से परावर्तित कर सीधे रामलला के मस्तक तक पहुँचाया गया, जिससे विज्ञान और अध्यात्म का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। ट्रस्ट के अनुसार, इन दर्पणों और लेंसों की डिजाइन इतनी सटीक है कि अगले 19 वर्षों तक सूर्य की बदलती गति के बावजूद तिलक की स्थिति में किसी बदलाव की आवश्यकता नहीं होगी। रामनवमी के इस महापर्व पर पीले वस्त्रों में सुसज्जित प्रभु रामलला का जन्मोत्सव गर्भगृह में 14 मुख्य पुजारियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिसे देख करोड़ों श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पीएम मोदी और सीएम योगी ने जताया हर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक क्षण के लाइव दर्शन किए। पीएमओ द्वारा जारी तस्वीर में प्रधानमंत्री को श्रद्धापूर्वक टैबलेट/टीवी स्क्रीन पर सूर्य तिलक की प्रक्रिया देखते हुए दिखाया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे सनातन संस्कृति की विजय बताया। उन्होंने कहा कि "प्रभु श्री रामलला के भाल पर विराजित यह स्वर्णिम तिलक आस्था और आत्मगौरव का आलोक है। यह भारत के जन-जन में स्वाभिमान का 'संकल्प-सूर्य' प्रज्वलित कर रहा है। जहाँ राम हैं, वहीं राह है।" दर्शन के समय में बदलाव और सुरक्षा व्यवस्था रामनवमी पर उमड़े लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दर्शन की अवधि बढ़ाकर सुबह 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक कर दी है। सूर्य तिलक के दिव्य अनुष्ठान की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस विशेष अवधि के दौरान VIP प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। इस अलौकिक दृश्य को दुनिया भर के करोड़ों लोगों तक पहुँचाने के लिए मंदिर परिसर में 6 विशेष कैमरे लगाए गए थे, जिन्होंने दूरदर्शन और सोशल मीडिया के माध्यम से इसका सीधा प्रसारण किया। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Tech Alert: iPhone यूजर्स सावधान! सामने आया साइबर हैकर्स का नया हथियार ‘डार्कसोर्ड’ [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]