Thu, Jun 4th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

Twisha Sharma Case में सुप्रीम कोर्ट सख्त; सॉलिसिटर जनरल की भावुक टिप्पणी— ‘मृत बेटी से बेहतर है तलाकशुदा बेटी’

by Tarun Bhardwaj • May 25, 2026
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित और हाई-प्रोफाइल ‘त्विषा शर्मा मौत मामले’ में सोमवार 25 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक बेहद अहम और भावुक सुनवाई हुई। इस मामले का स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वीएम पंचोली की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने मामले को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए त्विषा की मौत को ‘अप्राकृतिक मृत्यु’ माना है। देश की शीर्ष अदालत ने दोटूक लहजे में कहा कि इस पूरे संवेदनशील मामले की बिना किसी प्रभाव के निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही कोर्ट ने इस केस को मीडिया ट्रायल और सनसनीखेज बनाने से रोकने के लिए कई कड़े दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।

‘मृत बेटी से तलाकशुदा बेटी बेहतर’— सॉलिसिटर जनरल

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने समाज और पीड़ित परिवारों की मानसिकता पर प्रहार करते हुए एक बेहद भावुक और गहरी टिप्पणी की। सॉलिसिटर जनरल ने कहा, “ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण और जानलेवा घटना का सामना करने से कहीं बेहतर है कि बेटी का समय रहते तलाक हो जाए। एक तलाकशुदा बेटी, हमेMediaTrialशा एक मृत बेटी से बेहतर होती है।”

उन्होंने आगे कहा कि लड़कियों के मायके पक्ष या परिवार को भी अपनी बेटियों की शिकायतों और परेशानियों पर समय रहते गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि उन्हें ऐसे खौफनाक अंजाम से बचाया जा सके। सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को अवगत कराया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को जांच सौंपने के संबंध में जल्द ही आधिकारिक फैसला ले लिया जाएगा।

मीडिया ट्रायल पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मामले को लेकर चल रही बयानबाजी और मीडिया कवरेज पर गहरी पीड़ा और नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुई कुछ कार्रवाइयों से उन्हें व्यक्तिगत रूप से बहुत दुख पहुंचा है क्योंकि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है मानो न्यायपालिका निष्पक्ष ट्रायल की अनुमति नहीं दे रही है, जिसके बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए मीडिया को पीड़ित या आरोपी परिवार के घर जाकर उनके बयान रिकॉर्ड करने और व्यक्तिगत दर्द को सनसनीखेज बनाने से मना कर दिया है।

इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने किसी भी एक पक्ष के एकतरफा बयानों के आधार पर मीडिया में कयास या दावे करने पर रोक लगा दी है तथा संभावित गवाहों, आरोपियों और वकीलों द्वारा मीडिया के सामने किसी भी तरह की समयपूर्व बयानबाजी करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।

हाईकोर्ट की सराहना

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले की जमकर सराहना की, जिसमें हाईकोर्ट ने मुस्तैदी दिखाते हुए त्विषा के शव का तुरंत दूसरा पोस्टमार्टम (Re-postmortem) कराने का आदेश दिया था, जो कि अब पूरा हो चुका है। पीड़ित परिवार के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने दलील दी कि शुरुआत में स्थानीय स्तर पर साक्ष्यों और सबूतों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया था।

इस पर पीठ ने कहा कि वे फिलहाल मामले के गुण-दोष या किसी भी अन्य पहलू पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। सीजेआई ने भरोसा जताता हुए कहा, “हमें पूरा विश्वास है कि हमारी राज्य एजेंसी या सीबीआई जो भी इस मामले को संभालेगी, वह पूरी जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ इसे इसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाएगी और सच को सामने लाएगी।” दूसरी तरफ, मुख्य आरोपी और त्विषा की सास (पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह) के वकील ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि उनकी मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और आगे मीडिया में कोई बयान जारी नहीं करेंगी।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: UCC Bill: उत्तराखंड-गुजरात के बाद अब असम में यूसीसी की तैयारी; विधानसभा में पेश हुआ ‘समान नागरिक संहिता’ विधेयक

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Delhi Fire Case: साकेत कोर्ट ने होटल मालिक को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा हैदराबाद के अमीरपेट में ‘हेलमेट बाजार’ में भीषण अग्निकांड पहले से ज्यादा बोल्ड हुआ फ्रंट डिजाइन और एक्सटीरियर लुक के साथ Toyota Innova Crysta लॉन्च विनेश फोगाट विवाद में WFI को सुप्रीम कोर्ट से झटका केरल में मानसून की धमाकेदार दस्तक, दिग्गज फिल्म निर्माता और पूर्व CBFC चीफ पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन कोसीकलां में 7 साल की बच्ची के साथ 30 साल के युवक ने की दरिंदगी मुजफ्फरपुर में प्राइवेट अस्पताल के ICU में आग लगने से 5 लोगों की मौत