नई दिल्ली। इंदौर को लगातार पांचवीं बार देश के सबसे स्वच्छ का खिताब मिला है। दिल्ली में एक समारोह में इंदौर को कचरा मुक्त शहर की स्टार रेटिंग का खिताब भी मिला है। 12 करोड़ का सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज अवार्ड भी इंदौर नगर निगम के खाते में गया है। ये पुरस्कार पहली बार दिया गया। यानी स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में इंदौर शहर को इस बार 3 पुरस्कार हासिल हुए हैं। राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में सफाई मित्र इंदिराबाई आदिवाल को भी सम्मानित किया गया। देश के 342 शहरों को 20 नवंबर को 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2021' में गारबेज फ्री सिटी और सफाई मित्र चैलेंज की श्रेणी में पुरस्कार दिया गया। यह यह सम्मान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रदान किया। शहरों को सम्मानित करने के लिए 'स्वच्छ अमृत महोत्सव' का आयोजन केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने किया। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सूरत (गुजरात) और विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) को क्रमशः देश का दूसरा और तीसरा सबसे स्वच्छ शहर होने के लिए सम्मानित किया। (राष्ट्रपति से सम्मान के रूप में गांधीजी की प्रतिमा ग्रहण करते मप्र के नगरीय विकास और आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह) इस कार्यक्रम के जरिये 'सफाईमित्र सुरक्षा चुनौती' के तहत अच्छा प्रदर्शन करने वाले शहरों को मान्यता देकर स्वच्छता कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि भी दी गई। मंत्रालय के अनुसार '2016 में 73 प्रमुख शहरों के सर्वेक्षण में, जबकि 4,320 शहरों ने 2021 में भाग लिया था। स्वच्छ सर्वेक्षण का यह छठा संस्करण दुनिया का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण बनकर सामने आया है। इस सर्वेक्षण के चलते कई राज्यों में जागरुकता आई। 6 राज्यों और इतने ही केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने जमीनी स्तर में 5% से 25% तक सुधार करके दिखाया। स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कचरा मुक्त भारत के दृष्टिकोण के अनुसार, समारोह में कचरा-मुक्त शहरों के लिए स्टार रेटिंग प्रोटोकॉल के तहत प्रमाणित शहरों को भी पुरस्कृत किया गया। प्रधानमंत्री द्वारा 1 अक्टूबर, 2021 को स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) 2.0 के शुभारंभ के बाद से यह एक मील का पत्थर है। https://twitter.com/AHindinews/status/1461940445425008640?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1461940445425008640%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fstatic.asianetnews.com%2Ftwitter-iframe%2Fshow.html%3Furl%3Dhttps%3A%2F%2Ftwitter.com%2FAHindinews%2Fstatus%2F1461940445425008640%3Fref_src%3Dtwsrc5Etfw इस सर्वेक्षण में 5 करोड़ से अधिक नागरिकों ने रुचि दिखाई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.87 करोड़ अधिक है। कोविड महामारी के कारण कई ऑन-ग्राउंड चुनौतियों के बावजूद स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 को 28 दिनों के रिकॉर्ड समय में आयोजित किया गया था। पिछले वर्ष की तुलना में राज्यों और शहरों के निष्पादन में महत्वपूर्ण जमीनी सुधार हुए हैं। https://twitter.com/rashtrapatibhvn/status/1461942392802582528?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1461942392802582528%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fstatic.asianetnews.com%2Ftwitter-iframe%2Fshow.html%3Furl%3Dhttps%3A%2F%2Ftwitter.com%2Frashtrapatibhvn%2Fstatus%2F1461942392802582528%3Fref_src%3Dtwsrc5Etfw 2018 में, केवल 56 शहरों को कुछ स्टार रेटिंग प्रमाणन से सम्मानित किया गया था। इस साल, यह संख्या कई गुना बढ़कर 342 शहरों (9 फाइव-स्टार शहरों, 166 थ्री-स्टार शहरों और 167 वन-स्टार शहरों के साथ) तक पहुंच गई है। इसके अलावा, इस वर्ष की प्रमाणन प्रक्रिया में 2,238 शहरों की भागीदारी देखी गई, जो शहरी भारत की कचरा-मुक्त भारत के दृष्टिकोण के प्रति संकल्प को दर्शाता है। पुरस्कार समारोह में केंद्रीय आवास और शहरी मामले के मंत्री हरदीप सिंह पुरी(Hardeep Singh Puri), आवास और शहरी मामले के राज्य मंत्री कौशल किशोर(Kaushal Kishore), कई मुख्यमंत्री, शहरी विकास मंत्री और देशभर के महापौर शामिल हुए। इस अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में 300 से अधिक पुरस्कार दिए गए। 1 अक्टूबर, 2021 को शुरू किया गया स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0, सभी के लिए स्वच्छता सुविधाओं तक पूर्ण पहुंच सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। 1 लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों में पूर्ण तरल अपशिष्ट प्रबंधन - स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत पेश किया गया यह नया घटक, यह सुनिश्चित करेगा कि सभी अपशिष्ट जल को सुरक्षित रूप से समाहित, एकत्र, परिवहन और उपचारित किया जाए, ताकि कोई भी अपशिष्ट जल हमारे जल निकायों को प्रदूषित न करे।