यूनिक समय, नई दिल्ली। तमिलनाडु की सियासत में कई दिनों से जारी अनिश्चितता के बाद अब सरकार गठन की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। अभिनेता से राजनेता बने विजय के नेतृत्व वाली 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) को वीसीके (VCK) का आधिकारिक समर्थन मिल गया है, जिससे गठबंधन ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने का न्योता दे दिया है और वे कल (रविवार) सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बहुमत का गणित तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े को टीवीके (TVK) और उसके सहयोगियों ने सफलतापूर्वक पार कर लिया है। थलपति विजय के नेतृत्व वाली टीवीके चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जिसे अब विभिन्न सहयोगी दलों का मजबूत साथ मिल गया है। कांग्रेस अपने 5 विधायकों के साथ सबसे पहले समर्थन देने वाले दलों में शामिल रही, जबकि वामपंथी दलों (भाकपा और माकपा) ने भी 2-2 विधायकों के साथ 'स्थिर शासन' के लिए अपने समर्थन पत्र सौंप दिए हैं। अंततः वीसीके (VCK) के थोल थिरुमावलवन द्वारा अपने 2 विधायकों का समर्थन पत्र महासचिव आधव अर्जुना को सौंपे जाने के साथ ही इस गठबंधन का कुल आंकड़ा 119 पर पहुँच गया है। राज्यपाल से तीन मुलाकातों के बाद मिली सफलता तमिलनाडु में सरकार बनाने की कोशिशों के तहत विजय ने लगातार तीन दिनों तक राज्यपाल से मुलाकात की, जिसके बाद उन्हें सफलता प्राप्त हुई। शुरुआती चरणों में, यानी 6 और 7 मई को, पर्याप्त संख्या बल न होने के कारण राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद 8 मई को विजय ने 116 विधायकों के समर्थन के साथ अपना दावा पेश किया, लेकिन राज्यपाल 118 के आवश्यक बहुमत के आंकड़े पर अड़े रहे। अंततः 9 मई को वीसीके (VCK) का औपचारिक समर्थन पत्र मिलने के बाद बहुमत साबित हुआ और राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया। राजनीतिक खींचतान तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया के दौरान भारी सियासी ड्रामा और राजनीतिक खींचतान देखने को मिली। सूत्रों के अनुसार, वीसीके (VCK) ने समर्थन के बदले उप-मुख्यमंत्री पद की मांग की थी, हालांकि टीवीके (TVK) उन्हें केवल मंत्री पद देने तक ही सीमित रहना चाहती थी। इस बीच, अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) के नेता दिनाकरन ने टीवीके पर गंभीर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके एकमात्र विधायक के समर्थन का फर्जी पत्र राज्यपाल को सौंपा है। गठबंधन की चुनौतियों के बीच इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने डीएमके (DMK) के प्रति अपनी निष्ठा जताकर टीवीके की मुश्किलें बढ़ा दी थीं, लेकिन अंततः अन्य सहयोगियों के साथ आने से यह संकट टल गया। अब कल होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही तमिलनाडु की राजनीति में थलपति विजय के एक नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Ranabali: ‘राणाबाली’ का धमाकेदार मोशन पोस्टर रिलीज; जन्मदिन पर दिखा विजय देवरकोंडा का ‘रफ एंड टफ’ अवतार [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]