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Tech: गूगल का बड़ा फैसला; अब 15GB नहीं, सिर्फ 5GB मिलेगा फ्री क्लाउड स्टोरेज! जानें क्यों बदल गई सालों पुरानी पॉलिसी

by Tarun Bhardwaj • May 15, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। अगर आप गूगल की फ्री स्टोरेज सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। तकनीकी दिग्गज गूगल ने अपनी अकाउंट स्टोरेज पॉलिसी में एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब नए गूगल अकाउंट सेटअप करने वाले यूजर्स को डिफ़ॉल्ट रूप से मिलने वाला 15GB मुफ्त स्टोरेज घटकर मात्र 5GB रह जाएगा।

स्टोरेज कम होने की मुख्य वजह और शर्त

गूगल ने उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है, जिसके तहत अब नए अकाउंट सेटअप करने पर शुरुआती तौर पर केवल 5GB क्लाउड स्टोरेज ही प्रदान किया जाएगा। यदि कोई उपयोगकर्ता अपना पुराना 15GB वाला कोटा प्राप्त करना चाहता है, तो उसके लिए अपने फोन नंबर को वेरिफाई करना अनिवार्य कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर साझा किए गए स्क्रीनशॉट के अनुसार, नया गूगल अकाउंट बनाते समय अब स्पष्ट रूप से एक नोटिफिकेशन दिखाया जा रहा है, जिसमें फोन नंबर जोड़कर और अधिक स्टोरेज पाने का विकल्प दिया जा रहा है।

सालों पुराने नियम में अचानक बदलाव

पिछले कई सालों से गूगल अपने हर यूजर को बिना किसी कड़ी शर्त के 15GB फ्री क्लाउड स्टोरेज प्रदान करता आ रहा था। एप्पल (जो केवल 5GB देता है) जैसी अन्य कंपनियों की तुलना में गूगल की यह सर्विस काफी लोकप्रिय रही है। हालांकि, अब गूगल ने मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन को स्टोरेज से जोड़कर एक नया फिल्टर लगा दिया है।

क्या हैं बायपास करने के तरीके और कंफ्यूजन?

गूगल के इस नए अपडेट को लेकर वर्तमान में कई तकनीकी और प्रक्रियात्मक उलझनें बनी हुई हैं, क्योंकि अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि कंपनी भविष्य में बिना मोबाइल नंबर के नया अकाउंट बनाने की अनुमति देगी या नहीं। विशेषज्ञों और ‘एंड्रॉयड अथॉरिटी’ की रिपोर्ट के अनुसार, जिन उपयोगकर्ताओं के पास एक से अधिक एक्टिव सिम कार्ड हैं, वे अलग-अलग नंबरों से लॉगइन करके इस 5GB की सीमा को बायपास कर सकेंगे और अधिक स्टोरेज हासिल करने का प्रयास करेंगे।

चूंकि आज लगभग हर एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर जीमेल, गूगल फोटोज और डॉक्यूमेंट्स जैसी अनिवार्य सेवाओं के लिए गूगल पर ही निर्भर है, इसलिए इस फैसले का सीधा और व्यापक असर दुनिया भर के करोड़ों लोगों के डिजिटल अनुभव पर पड़ेगा। गूगल की इस नई स्टोरेज पॉलिसी से स्पष्ट है कि अब ‘फ्री’ सेवाओं के लिए आपको अपनी डिजिटल पहचान (मोबाइल नंबर) को साझा करना और भी जरूरी हो जाएगा।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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