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पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में दुनिया का सबसे निडर वन्यजीव, बाघ और तेंदुआ भी नहीं जाते इसके करीब

by यूनिक समय • November 7, 2022
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बाघ का जंगल पर एक छत्र राज होता है। जिससे जंगल में निवास करने वाले दूसरे वन्यजीव डरते हैं लेकिन पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में एक ऐसा वन्यजीव भी पाया जाता है जिसे बाघ का भी कोई खौफ नहीं रहता है।

पीलीभीत: वैसे तो पीलीभीत टाइगर रिजर्व में कई हिंसक वन्यजीव निवास करते हैं लेकिन, दुनिया का सबसे निडर जानवर हनी बेजर भी यहां के जंगलों में पाया जाता है। इस वन्यजीव को गिनीज बुक आफ वर्ल्‍ड रिकार्ड में सबसे निडर जानवर का दर्जा मिला हुआ है। काफी पहले यह जीव जंगलों के बाहर गांवों के निकट झाड़ियों में भी पाए जाते थे। अब इनकी दुनिया जंगल में सिमट कर रह गई। साथ ही इस वन्यजीव की संख्या भी काफी कम हो गई है। इसकी मोटी चमड़ी और नुकीले दांत इसे खास बनाते हैं। बाघ और तेंदुआ भी इसके पास नहीं जाते हैं।

बाघ का जंगल पर एक छत्र राज होता है। जिससे जंगल में निवास करने वाले दूसरे वन्यजीव डरते हैं लेकिन, पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में एक ऐसा वन्यजीव भी पाया जाता है, जिसे बाघ का भी कोई खौफ नहीं रहता है। इसका नाम हनी बेजर है। आम बोलचाल की भाषा में इसे कबर बिज्जू भी कहा जाता है। इंसानों की तरह सोचने समझने की क्षमता रखने वाला यह वन्यजीव काफी चालाक बताया जाता है।

नुकीले नाखूनों से खोद देता है 20 से 25 फीट गड्ढा

अपने लंबे नुकीले नाखूनों से यह बाघ और तेंदुआ व भालू जैसे जानवरों को भी मात देने की क्षमता रखता है। अपने नुकीले नाखूनों से यह 20 से 25 फिट तक का गड्ढा भी खोद देता है। हनी बेजर को गिनीज बुक में मोस्ट फियरलेस क्रीचर का दर्जा मिला हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह इतना चालाक होता है कि यदि इसको किसी कमरे में बंद कर दिया जाए तो यह उसकी कुंडी को स्वयं इंसानों की तरह खोलकर बाहर निकल सकता है।

इस जानवर में सोचने समझने की क्षमता इंसानों जैसी होती है। जंगल में गश्त करने वाले वन कर्मियों को यह अक्सर दिख जाता है। टाइगर रिजर्व में भ्रमण करते समय कभी कभी सैलानियों को इसके दीदार हो जाते हैं। पिछले पूरे पर्यटन सत्र में कुछ ही बार सैलानियों को हनी बेजर के दीदार हुए थे। सैलानियों ने उसको अपने कैमरों में कैद भी कर लिया था। इस जीव को विलुप्त हो रहे वन्यजीवों की श्रेणी में रखा गया है।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी नवीन खंडेलवाल ने कहा कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में हनी बेजर की संख्या कितनी है इसका सही तौर पर आकलन नहीं है लेकिन यह यहां पर काफी कम है। टीमों को गश्त करते समय कई बार यह वन्यजीव दिखाई दिया है।

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