Fri, Jun 5th, 2026
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Udhampur Encounter: भारतीय सेना का बड़ा सर्जिकल प्रहार; बसंतगढ़ में जैश-ए-मोहम्मद के 2 पाकिस्तानी आतंकी ढेर

by Tarun Bhardwaj • February 4, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक और साहसिक ऑपरेशन को अंजाम दिया है। मंगलवार से बसंतगढ़ के दुर्गम जंगलों में जारी मुठभेड़ में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने साझा कार्रवाई करते हुए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के दो खूंखार पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया। सुरक्षाबलों ने आतंकियों के छिपे होने वाली रणनीतिक गुफा को भी विस्फोट कर उड़ा दिया।

खुफिया इनपुट और सटीक घेराबंदी

यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिले एक ठोस खुफिया इनपुट (Intelligence Input) के आधार पर जोफर जंगल, बसंतगढ़ के इलाके में शुरू किया गया था। सुरक्षाबलों ने इलाके की प्रभावी घेराबंदी की ताकि आतंकियों को भागने का कोई मौका न मिले। एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल और सामरिक सटीकता (Tactical Precision) की बदौलत दो आतंकवादियों को सफलतापूर्वक ढेर कर दिया गया।

मारे गए आतंकियों की पहचान

सुरक्षाबलों द्वारा मार गिराए गए दोनों आतंकवादियों की पहचान आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खूंखार पाकिस्तानी नागरिकों के रूप में हुई है, जो पिछले कई वर्षों से जम्मू क्षेत्र में सक्रिय रहकर आतंक फैला रहे थे। इनमें से पहला आतंकी मावी उर्फ माविया जैश-ए-मोहम्मद का एक टॉप पाकिस्तानी कमांडर था, जो लंबे समय से इस पूरे क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों और साजिशों का नेतृत्व कर रहा था। वहीं, इस ऑपरेशन में ढेर हुआ दूसरा आतंकी रूबानी उर्फ अबू मुआविया मूल रूप से पाकिस्तान के मुल्तान का निवासी था, जो साल 2018 में जैश से जुड़ा था और 2023 से लगातार जम्मू-कश्मीर में सक्रिय रहकर सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।

गुफा को धमाके से उड़ाया

बसंतगढ़ के घने जंगलों में भटक रहे ये आतंकी अपनी जान बचाने के लिए एक गहरी गुफा में छिप गए थे। बुधवार को जब आतंकियों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय फायरिंग जारी रखी, तो सुरक्षाबलों ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत गुफा को ही शक्तिशाली धमाके से उड़ा दिया। इस कार्रवाई में गुफा के भीतर मौजूद दोनों आतंकी अपने अंजाम तक पहुँच गए।

ऑपरेशन ‘उस्मान’ की कड़ी से जुड़ा मामला

बता दें कि ये आतंकी उसी ग्रुप का हिस्सा थे जो 15 दिसंबर को एक मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों के चंगुल से बच निकले थे। इससे पहले 23 जनवरी को कठुआ में हुए एनकाउंटर में इसी गिरोह के एक अन्य आतंकी ‘उस्मान’ को ढेर किया गया था। उस्मान की मौत के बाद ये दोनों आतंकी जंगलों में ठिकाना ढूंढ रहे थे, जहाँ भारतीय जवानों ने उनकी तलाश पूरी कर दी।

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