यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 का भव्य उद्घाटन हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की उपस्थिति में प्रदेश के फार्मा सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार ने 11 दिग्गज कंपनियों के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के तहत मेडिकल डिवाइस और नई दवाओं के क्षेत्र में साझा शोध (R&D) को बढ़ावा दिया जाएगा। "अपना हो या पराया, गलत करने पर कानून सबके लिए एक" संबोधित करते हुए सीएम योगी ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को दोहराते हुए कहा कि अगर प्रशासन का अपना व्यक्ति भी गलत करेगा, तो उस पर वही कानून लागू होगा जो माफिया और अपराधियों के लिए है। पुलिस एनकाउंटर पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने दो टूक कहा, "बहुत बार लोग टिप्पणी करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी। अगर अपराधी कानून को आंख दिखाएगा और पुलिस गोली नहीं मारेगी, तो क्या खाएगी?" 50 लाख करोड़ का निवेश सीएम योगी ने प्रदेश की बदलती छवि पर चर्चा करते हुए कहा 2017 से पहले यूपी में असुरक्षा और अराजकता का माहौल था, जिसे अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। ललितपुर में प्रदेश के पहले फार्मा पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा कर लिया गया है और प्रदेश में सेंटर लेवल की लैबोरेट्रीज पहले से कार्य कर रही हैं। यूपी को अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे बेरोजगारी दर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। 2017 से 'जीरो टॉलरेंस' का सफर मुख्यमंत्री ने पुरानी यादें साझा करते हुए कहा कि 2017 में जब पीएम मोदी ने उन्हें जिम्मेदारी सौंपी थी, तभी उन्होंने तय कर लिया था कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले को उसकी की भाषा में समझाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कोई अपराधी कानून के दायरे में रहकर सुधारने को तैयार नहीं होता, तो उसे कानून का डर दिखाना तात्कालिक परिस्थिति की मांग बन जाती है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Parliamentary Clash: लोकसभा में स्पीकर पर कागज फेंकने वाले 8 सांसद निलंबित; विपक्ष का भारी विरोध प्रदर्शन