यूनिक समय, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय संपर्क को एक नई और मजबूत रफ्तार देते हुए सोमवार (13 जुलाई 2026) को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भव्य उद्घाटन किया गया। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की गरिमामयी मौजूदगी में फीता काटकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जनता को समर्पित किया। उद्घाटन की औपचारिकताओं के बाद सभी शीर्ष नेता इसी एक्सप्रेसवे के रास्ते सड़क मार्ग से लखनऊ के लिए रवाना हुए। आधुनिक सुरक्षा और विश्वस्तरीय तकनीक से लैस इस मार्ग पर मंगलवार से आम लोगों की आवाजाही आधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएगी। 4,700 करोड़ की लागत से बना 63 किमी लंबा एक्सप्रेसवे लगभग 63 किलोमीटर लंबा यह बेहद आधुनिक एक्सप्रेसवे तकरीबन 4,700 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनकर तैयार हुआ है। इस मार्ग के चालू हो जाने से लखनऊ और कानपुर जैसे दो बड़े औद्योगिक व प्रशासनिक शहरों के बीच यात्रा का समय, जो पहले ढाई से तीन घंटे का होता था, वह घटकर अब मात्र 40 मिनट रह जाएगा। इस एक्सप्रेसवे पर निर्बाध और सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए हल्के वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जबकि सुरक्षा कारणों से दोपहिया और तिपहिया वाहनों (बाइक और ऑटो) के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। देश का पहला 'बैरियर-लेस' एक्सप्रेसवे यह नवनिर्मित मार्ग देश का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे है जो पूरी तरह से 'बैरियर-लेस' (बिना टोल नाके या बैरियर वाला) है। यहां टोल वसूली के लिए वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा। टोल प्लाजा से लगभग 500 मीटर पहले ही अत्याधुनिक ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और फास्टैग प्रणाली सक्रिय हो जाएगी, जो चलते वाहन की पहचान कर स्वतः ही टोल टैक्स काट लेगी। इसके साथ ही, सुरक्षा के मोर्चे पर भी इसे बेहद एडवांस बनाया गया है; एक्सप्रेसवे पर लगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरे किसी भी दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति में तत्काल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मुख्य कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे, जिससे तुरंत राहत पहुंचाई जा सकेगी। टोल टैक्स में बढ़ोतरी आधुनिक सुविधाओं और समय की बड़ी बचत के साथ ही इस मार्ग पर सफर करने के लिए जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी होगी। एक्सप्रेसवे के जरिए कार से लखनऊ से कानपुर जाने के लिए वाहन चालकों को 275 रुपये टोल टैक्स देना होगा, जबकि पुराने रूट पर यह शुल्क केवल 95 रुपये था। इससे पहले किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के दीक्षांत समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस परियोजना को प्रदेशवासियों के लिए एक ऐतिहासिक तोहफा बताया। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि टेस्ट ड्राइव के दौरान वह मात्र 27 मिनट में लखनऊ से कानपुर पहुंच गए थे। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी के विजनरी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मशीन गाइडेड तकनीक से बना यह एक्सप्रेसवे दोनों शहरों के व्यापारिक और सामाजिक आवागमन की तस्वीर को पूरी तरह बदल कर रख देगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Pyarelal Sharma’s Wife Passes Away: दिग्गज संगीतकार प्यारेलाल शर्मा की पत्नी सुनीला का 78 वर्ष की आयु में निधन ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]