यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में पिछले कई महीनों से जारी भीषण सैन्य टकराव और युद्ध के बाद अब दुनिया की सबसे बड़ी मुसीबत खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार जंग थम गई है और दोनों महाशक्तियों ने एक ऐतिहासिक शांति समझौते (Peace Deal) का आधिकारिक एलान कर दिया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक शांति समझौते का वैश्विक मंच पर पुरजोर स्वागत किया है और इसे दुनिया की आर्थिक स्थिरता के लिए एक बेहद जरूरी कदम बताया है। पीएम मोदी का सोशल मीडिया पर संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर इस महाडील का स्वागत करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया। पीएम मोदी ने लिखा, "मैं पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी संघर्ष को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी इस नई सहमति का खुले दिल से स्वागत करता हूं। इस भयंकर सैन्य संघर्ष के कारण हाल के दिनों में दुनिया भर में गंभीर आर्थिक उथल-पुथल देखने को मिली है, जिससे कई देशों को जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।" उन्होंने भारत का रुख स्पष्ट करते हुए आगे लिखा, "भारत को पूरी उम्मीद है कि इस महत्वपूर्ण सहमति को धरातल पर पूरी ईमानदारी से लागू करने से पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर आवाजाही व व्यापार की स्वतंत्रता फिर से सुनिश्चित हो सकेगी। हम यह आशा करते हैं कि भविष्य में बाकी बचे हुए अन्य सभी जटिल मुद्दों पर भी दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी रहेगी, जिससे एक टिकाऊ और अंतिम समझौता हासिल किया जा सके।" [embedpress]https://x.com/narendramodi/status/2066420565821530220[/embedpress] US और ईरान ने की सीजफायर MoU की पुष्टि इस महाडील को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि ईरान के साथ ऐतिहासिक समझौता पूरी तरह संपन्न हो चुका है। दूसरी ओर, ईरान सरकार की तरफ से भी एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की गई है। ईरान ने अपने बयान में कहा है कि अमेरिका के साथ कई महीनों की बेहद लंबी, जटिल और मुश्किल कूटनीतिक बातचीत के बाद दोनों देशों ने सीजफायर (युद्धविराम) के इस सहमति पत्र (MoU) को अंतिम रूप दे दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया है कि वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को दोबारा खोल दिया जाएगा और उन्होंने ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी दे दी है। जेनेवा में होगी हाई-लेवल मीटिंग दोनों देशों के बीच कुल 14 प्रमुख शर्तों पर आम सहमति बनी है। आगामी शुक्रवार, 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में इस पीस डील पर दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधि आधिकारिक रूप से दस्तखत करेंगे। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि 19 जून को जेनेवा में इस समझौते पर हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो यह पिछले 47 वर्षों के इतिहास में तेहरान (ईरान) और वॉशिंगटन (अमेरिका) के बीच होने वाली पहली आधिकारिक और सर्वोच्च स्तर की हाई-लेवल कूटनीतिक बैठक होगी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: US-Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते का एलान; 19 जून को स्विट्जरलैंड में साइन होगी डील ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]