यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अब तक की सबसे बड़ी और खौफनाक चेतावनी दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ लहजे में कहा है कि अगर ईरान तुरंत बातचीत की मेज पर वापस नहीं लौटा, तो अमेरिका अगले हफ्ते से उसके बिजली संयंत्रों (पावर प्लांट्स) और पुलों को निशाना बनाना शुरू कर देगा। ट्रंप ने तेहरान पर दबाव बढ़ाते हुए चेतावनी दी कि यदि वह वॉशिंगटन के साथ समझौता करने में विफल रहता है, तो उसके पास अस्तित्व बचाने के लिए कुछ भी नहीं बचेगा। फॉक्स न्यूज को दिए एक विशेष इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि बातचीत दोबारा शुरू न होने की स्थिति में अमेरिका आने वाले दिनों में ईरान के खिलाफ जारी अपने सैन्य अभियान को और अधिक आक्रामक व तेज करेगा। ट्रंप की दोटूक धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी सैन्य रणनीति का खुलासा करते हुए बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। ट्रंप ने कहा, "हम कल रात उन्हें बहुत जोरदार तरीके से निशाना बनाएंगे। उसके अगले दिन भी कड़ा हमला करेंगे और फिर अगले हफ्ते उनके लिए हालात और बदतर हो जाएंगे। अगले हफ्ते उनके बिजली संयंत्रों की बारी आएगी। अगर वे बातचीत की मेज पर आकर चर्चा नहीं करते, तो अगले हफ्ते पुलों की बारी आएगी। हम उनके सभी प्रमुख बिजली संयंत्रों और पुलों को पूरी तरह तबाह कर देंगे।" ट्रंप का यह बेहद आक्रामक बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया युद्ध के मुहाने पर खड़ा है और दोनों देश लगातार एक-दूसरे के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। हालांकि, सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच पर्दे के पीछे संपर्क अब भी बना हुआ है। इसके बावजूद, ट्रंप प्रशासन अपनी इस शर्त पर अड़ा है कि जब तक ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर समुद्री यातायात पर लगाए गए प्रतिबंधों को पूरी तरह नहीं हटाता, तब तक कोई औपचारिक बातचीत आगे नहीं बढ़ सकती। जमीनी सेना भेजने की संभावना से भी इनकार नहीं ईरान के खिलाफ यह सैन्य अभियान कब तक चलेगा? इस सवाल के जवाब में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक कि वे खुद इन्हें रोकने का फैसला नहीं कर लेते। इसके साथ ही, राष्ट्रपति ने ईरान की धरती पर अमेरिकी जमीनी सेना भेजने की संभावना से भी पूरी तरह इनकार नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि वह हवाई और नौसैनिक हमलों जैसे अन्य विकल्पों को प्राथमिकता देना पसंद करेंगे। उन्होंने रहस्यमयी अंदाज में कहा, "कभी-कभी जमीनी अभियान की जरूरत पड़ती है, लेकिन हमारे पास ऐसे लोग (सहयोगी देश या स्थानीय ताकतें) मौजूद हैं जो हमारी ओर से जमीनी अभियान चलाएंगे।" उन्होंने एक बार फिर तेहरान को आगाह करते हुए कहा, "बेहतर होगा कि आप समय रहते समझौता कर लें, वरना आपके पास कुछ नहीं बचेगा।" होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी शुरू राष्ट्रपति ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना हवाई हमलों के दौरान आम नागरिकों के हताहत होने की आशंका को कम करने के लिए अत्यधिक सावधानी बरत रही है। उन्होंने कहा, "हम नागरिक आबादी को लेकर बेहद संवेदनशील हैं, लेकिन हमारा संदेश साफ है कि ईरान को समझौता करना ही होगा।" इसी बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बड़ा दावा करते हुए घोषणा की है कि उसने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों को पूरी तरह से रोकने के लिए होर्मुज क्षेत्र में अपनी नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) को फिर से सक्रिय कर दिया है। अमेरिका के इस कदम से आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच टकराव और अधिक हिंसक रूप ले सकता है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: India-UK CETA: भारत-ब्रिटेन ऐतिहासिक व्यापार समझौता आज से लागू; 99%निर्यात उत्पादों को मिलेगी टैक्स-फ्री एंट्री ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]