यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम (भारतीय समयानुसार गुरुवार तड़के) आए दो बैक-टू-बैक शक्तिशाली भूकंपों ने भीषण तबाही मचा दी है। पिछले 120 से अधिक वर्षों में आई इस सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, यह वेनेजुएला के इतिहास के सबसे विनाशकारी भूकंपों में से एक है। एजेंसी ने अपने शुरुआती आकलन में बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका जताते हुए अनुमान लगाया है कि मलबे में दबने और इमारतें ढहने के कारण मृतकों की संख्या 10 हजार से लेकर 1 लाख तक पहुंच सकती है। आपदा की भयावहता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में आपातकाल घोषित करने और अंतरराष्ट्रीय सहायता मांगने के संकेत दिए हैं। कुछ सेकंड के अंतराल पर आए दो बड़े झटके वेनेजुएला में महज कुछ सेकंड के अंतराल पर आए इन दो बड़े और शक्तिशाली भूकंप के झटकों ने लोगों को संभलने का बिल्कुल मौका नहीं दिया, जिसमें भारतीय समयानुसार रात 3:34 बजे रिक्टर स्केल पर 7.1 से 7.2 की तीव्रता वाले पहले झटके से धरती कांप उठी, जिसका केंद्र राजधानी कराकास से करीब 160 किलोमीटर दूर मोरोन और सैन फेलिपे क्षेत्र के पास जमीन के नीचे था। इसके ठीक बाद, रात 3:35 बजे उससे भी कहीं अधिक विनाशकारी दूसरा झटका महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 7.5 दर्ज की गई और इसका केंद्र कराकास से लगभग 100 मील पश्चिम में स्थित मोंटाल्बान क्षेत्र के पास था। राजधानी कराकास जमींदोज भूकंपों के इन भीषण झटकों के कारण राजधानी कराकास के अल्तामिरा और चाकाओ सहित कई पॉश और घने इलाकों में बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। सड़कों पर धूल का गुबार छा गया और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने बताया कि प्रभावित इलाकों में सेना, पुलिस और राहत दलों को संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन में उतारा गया है। युद्धस्तर पर चल रहे इस रेस्क्यू के दौरान चाकाओ क्षेत्र में मलबे के विशाल ढेर के नीचे से कम से कम 18 लोगों को जिंदा बाहर निकाला जा चुका है। फाल्कन राज्य से भी 22 लोगों के घायल होने और 15 लोगों के लापता होने की खबर है, जिनकी तलाश जारी है। [embedpress]https://www.instagram.com/reel/DZ_0Da8DWDA/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA[/embedpress] सुनामी का अलर्ट और हवाई अड्डे बंद भूकंप की भीषण तीव्रता को देखते हुए अमेरिकी प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने तुरंत प्यूर्टो रिको, अमेरिकी और ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह, अरूबा, कुराकाओ और बोनेयर के तटीय इलाकों के लिए आपातकालीन सुनामी अलर्ट जारी कर दिया था। हालांकि, करीब एक घंटे बाद स्थिति नियंत्रण में दिखने पर इसे वापस ले लिया गया। एहतियात के तौर पर माइकेतिया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को तुरंत बंद कर दिया गया है और सभी स्कूलों व सरकारी संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। राहत की बात यह है कि देश के मुख्य तेल उत्पादन और ऊर्जा ढांचे को किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। भूकंप की जद में क्यों रहता है वेनेजुएला? भूवैज्ञानिकों के अनुसार, वेनेजुएला की भौगोलिक स्थिति बेहद संवेदनशील है। यह देश कैरिबियन प्लेट और दक्षिण अमेरिकी प्लेट के मिलन क्षेत्र (फॉल्ट लाइन) पर स्थित है। इन दोनों टेक्टोनिक प्लेटों में होने वाली हलचल के कारण यहां लगातार भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं। देश के इतिहास में इससे पहले 26 मार्च 1812 को करीब 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 30 हजार लोगों की जान गई थी। इसके बाद 1967 में 6.3 तीव्रता के भूकंप में 300 लोग मारे गए थे। भूकंपों की इस भीषण तबाही के बाद भारत, अमेरिका समेत दुनिया के कई शक्तिशाली देशों ने वेनेजुएला के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बड़ी राहत सामग्री और बचाव दल भेजने के लिए मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura: लखनऊ हादसे के बाद मथुरा में महाअभियान; बीएसए रोड पर मानकों को ताक पर रख चल रहे कोचिंग सेंटर और होटल सील ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]