Thu, Jun 25th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

World: इंजीनियरों के विवाद के चलते पाकिस्तान की एथलेटिक्स टीम लाहौर एयरपोर्ट पर 6 घंटे फंसी; उड़ान सेवाएं ठप

by Tarun Bhardwaj • November 14, 2025
इंजीनियरों के विवाद के चलते एथलेटिक्स टीम लाहौर एयरपोर्ट पर फंसी

World: इंजीनियरों के विवाद के चलते पाकिस्तान की एथलेटिक्स टीम लाहौर एयरपोर्ट पर 6 घंटे फंसी; उड़ान सेवाएं ठप

इस खबर को सुनें • हिंदी

00:00
00:00
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। पाकिस्तान की राष्ट्रीय विमानन कंपनी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) में इंजीनियरों और प्रबंधन के बीच चल रहे लंबे विवाद ने उड़ान सेवाओं को गंभीर रूप से पंगु बना दिया है। इस विवाद का सीधा असर शुक्रवार को देखने को मिला, जब इस्लामिक सॉलिडेरिटी गेम्स में हिस्सा लेने जा रही पाकिस्तान की एथलेटिक्स टीम को लाहौर एयरपोर्ट पर छह घंटे से अधिक समय तक फंसा रहना पड़ा।

गोल्ड मेडलिस्ट भी फंसे

एथलेटिक्स टीम में ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अरशद नदीम और उनके कोच सलमान बट भी शामिल थे। टीम सुबह छह बजे लाहौर एयरपोर्ट पहुंची थी, लेकिन रियाद जाने वाली उनकी फ्लाइट 9:25 बजे के बजाय छह घंटे से अधिक देरी से चली। कोच सलमान बट ने बताया कि देरी का कारण ‘तकनीकी समस्या’ बताया गया, लेकिन वास्तविक वजह इंजीनियरों और पीआईए प्रबंधन के बीच जारी विवाद है, जिसके चलते उड़ानें बार-बार प्रभावित हो रही हैं।

एयरवर्थीनेस सर्टिफिकेट का विवाद

इंजीनियरों के एसोसिएशन एसएईपी (SAEP) से जुड़े सदस्य पिछले कई सप्ताह से विमानों के एयरवर्थीनेस सर्टिफिकेट (Airworthiness Certificate) जारी नहीं कर रहे हैं। इस कारण बड़ी संख्या में विमान ग्राउंडेड हो गए हैं और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय रूटों पर उड़ानें या तो रद्द हो रही हैं या घंटों देरी से चल रही हैं। इंजीनियरों की मुख्य नाराजगी वेतन वृद्धि, बेहतर सुविधाओं और पुर्जों की समय पर उपलब्धता को लेकर है।

पीआईए प्रबंधन ने इंजीनियरों पर एसेंशियल सर्विसेज ऐक्ट (Essential Services Act) का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है, जबकि पीआईए आधिकारिक तौर पर देरी का कारण ‘शेड्यूल रेशनलाइजेशन’ बता रहा है। लाहौर के अलावा कराची और इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर भी शुक्रवार को कई उड़ानें रद्द रहीं या घंटों की देरी से प्रभावित हुईं।

निजीकरण और वित्तीय संकट

पीआईए पहले से ही भारी कर्ज और वित्तीय संकट से जूझ रही है। हालाँकि, इसी महीने 20 वर्षों में पहली बार मुनाफा दर्ज करने के बावजूद सरकार एयरलाइन के निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। पीआईए ने एसएईपी पर निजीकरण को ‘नुकसान पहुंचाने की कोशिश’ का आरोप लगाया है, जबकि इंजीनियरों का कहना है कि वे काम पर हैं, लेकिन वे बिना पूर्ण जांच के विमान को उड़ान की अनुमति (Clearance) नहीं दे सकते। यह संघर्ष पीआईए के भविष्य और पाकिस्तान की हवाई कनेक्टिविटी पर गहरा संकट खड़ा कर रहा है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

ये भी पढ़ें: KKR की IPL 2026 की तैयारी तेज; टिम साउदी बने कोलकाता नाइट राइडर्स के नए गेंदबाजी कोच, भरत अरुण की लेंगे जगह

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.