Fri, Jun 5th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए दो दिन में मिला 100 करोड़ रूपये का दान, देश-विदेश में उत्साह

by यूनिक समय • January 18, 2021
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। प्रभु श्री राम के मंदिर को लेकर देश में ही विदेशों में उत्सुकता है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंदिर निर्माण चलाए निधि समर्पण अभियान के तहत दो दिनों में करीब 100 करोड़ का दान मिल चुका है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि कार्यकर्ताओंं के माध्यम से इस बात की जानकारी मिली है. हालांकि, यह जानकारी अभी मुख्यालय तक नहीं पहुंची है।

गौरतलब है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या में भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण के लिए जन संपर्क और योगदान अभियान चल रहा है, जो 27 फरवरी तक चलेगा। अभियान शुरू होते ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंदिर निर्माण के लिए पांच लाख रुपए से ज्यादा दान दिया. वहीं, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के परिवार ने भी मंदिर के निर्माण के लिए पांच लाख रुपए से अधिक की राशि दान दी। जानकारी के मुताबिक, पहले दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित वाल्मीकि मंदिर में एक पूजा की। सबसे बड़ा योगदान रायबरेली जिले के बैसवाड़ा के तेजगांव के पूर्व विधायक सुरेंद्र बहादुर सिंह का रहा। उन्होंने विहिप के उपाध्यक्ष एवं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चंपत राय को 1,11,11,111 रुपए का चेक दिया.।

विहिप के कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि विहिप ने मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह हेतु अपना अभियान शुरू कर दिया है। विहिप के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से भी मुलाकात की और मंदिर निर्माण के लिए दान के रूप में 1.21 लाख रुपये प्राप्त किए, जबकि राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी 1.51 लाख रुपये का योगदान दिया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल, उत्तर प्रदेश और झारखंड के राज्यपालों ने भी विहिप के प्रतिनिधिमंडलों को अपना योगदान दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में योगदान के रूप में दो लाख रुपये की सहयोग राशि दी है।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.