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पाकिस्तान के आतंकी चेहरे पर चीन ने डाला पर्दा, आतंकवादी साजिद मीर को ब्लैकलिस्ट करने से रोका

by Raju Chaurasia • September 18, 2022
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चीन पाकिस्तान के आतंकी चेहरे पर पर्दा डालने में जुटा हुआ है। इसी क्रम में उसने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के शीर्ष आतंकवादी साजिद मीर को ब्लैकलिस्ट किए जाने से रोक दिया। साजिद मीर को ब्लैकलिस्ट करने के लिए अमेरिका और भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव लाया गया था। चीन ने उसपर अड़ंगा लगा दिया है। चार महीने के भीतर चीन ने पाकिस्तानी आतंकवादियों को ब्लैकलिस्ट होने से तीसरी बार बचाया है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल-कायदा प्रतिबंध समिति के तहत मीर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में ब्लैकलिस्ट करने, उसकी संपत्ति फ्रीज करने, उसके खिलाफ यात्रा प्रतिबंध और शस्त्र प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिका द्वारा प्रस्ताव पेश किया गया था। चीन ने उसपर रोक लगा दी। साजिद मीर भारत के सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक है। वह 26/11, 2008 में मुंबई में हुए हमलों का मुख्य आरोपी है। अमेरिका ने उसपर 5 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है।

इस साल जून में साजिद मीर को पाकिस्तान की एक आतंकवाद-रोधी अदालत ने टेरर फाइनांसिंग केस में 15 साल से अधिक की जेल की सजा दी थी। पाकिस्तान की ओर से सजा का यह दिखावा FATF (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) की ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने के लिए किया गया था। पाकिस्तानी अधिकारियों ने पहले दावा किया था कि मीर की मौत हो गई है। पश्चिमी देशों को पाकिस्तान की बात पर भरोसा नहीं हुआ था और मीर के मौत के सबूत मांगे गए थे, लेकिन पाकिस्तान कोई सबूत नहीं दे सका था।

मीर पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का एक वरिष्ठ सदस्य है। वह नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में शामिल था। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि मीर हमलों के लिए लश्कर-ए-तैयबा का संचालन प्रबंधक था। वह हमले की योजना बनाने, इसके लिए तैयारी करने और उसे अंजाम देने में भूमिका निभा रहा था।

पिछले महीने चीन ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ अजहर को ब्लैकलिस्ट करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका और भारत द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी। जून में चीन ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को ब्लैकलिस्ट करने के लिए अमेरिका और भारत द्वारा लाए गए संयुक्त प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी।

 

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