Tue, Jun 9th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

रूस का जवाब: वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की सप्लाई बंद करने की दी धमकी, मचेगा हाहाकार

by Raju Chaurasia • September 24, 2022
Advertisement
Ad

वैश्विक बाजार में कच्चे व रिफाइन्ड तेलों की कीमतों में जल्द ही आग लग सकती है। रूस ने साफ किया है कि अगर तेल की प्रस्तावित कीमतें उसके लिए हितकारी और प्रॉफिट वाला नहीं होगा तो वह ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई को बंद कर देगा। वह किसी भी ऐसे मेकैनिज्म को फॉलो नहीं करेगा जो उनके ट्रेड इंटरेस्ट को प्रभावित करता हो। दरअसल, जी-7 देशों ने रूस से आयात होने वाले क्रूड एवं रिफाइंड प्रोडक्ट्स की कीमतों की सीमा तय कर दी है। इन देशों ने रूस के राजस्व को नुकसान पहुंचाने और यूक्रेन को फायदा देने के लिए ऐसा कदम उठाया है। जी-7 के इस निर्णय के खिलाफ रूस ने सीधे तौर पर सप्लाई बंद करने की धमकी दी है।

भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि जी-7 ने हमारे देश से आयात किए जाने वाले तेल व अन्य प्रोडक्ट्स की कीमतों की सीमा तय कर दी है। अगर हमको यह लगा कि यह कीमतें हमारे लिए उचित नहीं हैं और यह अस्वीकार्य है तो हम वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल व रिफाइन्ड प्रोडक्ट्स की आपूर्ति को बंद कर देंगे। अलीपोव ने कहा कि अमेरिकी की पहल का हिस्सा जो भी देश बनेंगे उनको सप्लाई बंद कर दी जाएगी। रूस अपने व्यापारिक हितों के लिए हानिकारक किसी भी तंत्र का पालन नहीं करेगा।

दरअसल, रूस के यूक्रेन पर हमला से अमेरिका के नेतृत्व वाले पश्चिमी देश लगातार रूस पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। रूस को हानि पहुंचाने के लिए हर संभव उपाय कर रहे हैं। हालांकि, इन प्रतिबंधों का रूस पर कम असर हुआ है। अब अमेरिका की पहल पर जी-7 देशों ने रूस से आयात होने वाले क्रूड ऑयल व रिफाइंड प्रोडक्ट्स की कीमतों की सीमा तय कर दी है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि रूस के राजस्व को क्षति पहुंचे। जी -7 वित्त मंत्रियों द्वारा जारी एक बयान में कहा गया था कि मूल्य सीमा विशेष रूप से रूसी राजस्व को कम करने और यूक्रेन युद्ध को फंड करने की क्षमता को कम करने के लिए डिज़ाइन की गई है।

रूस के राजदूत अलीपोव ने कहा कि तेल की कीमतों की सीमा तय होने की स्थिति में वैश्विक बाजार में तेल की भारी कमी हो जाएगी। रूस अगर तेल की सप्लाई बंद कर देगा तो कीमतों में बेतहाशा तेजी आएगी।

उधर, भारत ने अमेरिका की जी-7 के पहल का हिस्सा होने से इनकार कर दिया है। दरअसल, अमेरिका यह चाहता था कि रूस के खिलाफ लगाए जा रहे इस प्रतिबंध में भारत भी शामिल हो। लेकिन भारत ने इस पर सोच विचार के साथ निर्णय लेने की बात कही है। फिलहाल भारत ने जी-7 के रूस से आयात होने वाले क्रूड ऑयल व रिफाइन्ड प्रोडक्ट्स की कीमतों की सीमा तय करने वाले फैसले से दूरी बनाए हुए है।

अलीपोव ने कहा कि भारत ने यूक्रेन युद्ध को लेकर सावधानीपूर्वक रूख अपनाया है। यह भारत के हित के लिए फायदेमंद नहीं होगा। भारत को एक तरफ होना पड़ेगा। उधर, रूस ने पाकिस्तान को धमकी दी है कि वह पाकिस्तान के साथ अपने रिश्ते के बारे में विचार कर सकता है। दरअसल, पाकिस्तान पर यूक्रेन को हथियार हस्तांतरण का आरोप है। अलीपोव ने कहा कि अगर इस तरह की डिलीवरी हुई है तो इसका पाकिस्तान के साथ रूस के संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

 

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.