Sun, Jun 21st, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

13 अक्टूबर तक पूरी तरह सिमट जाएगा मानसून

by Raju Chaurasia • October 1, 2022
Advertisement
Ad

मौसम डेस्क. देश में इस साल 6-7 प्रतिशत तक अधिक बारिश हुई है। मानसून की वापसी हो चुकी है, लेकिन पोस्ट मानसून के कारण कई राज्यों में फिर से बारिश का एक दौर शुरू होने की भविष्यवाणी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि आजकल में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और तटीय कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। गंगीय पश्चिम बंगाल, पूर्वी झारखंड, ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। जबकि पूर्वोत्तर भारत के बाकी हिस्सों, पूर्वी बिहार, सिक्किम, तमिलनाडु, केरल और पूर्वी गुजरात और तेलंगाना में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश संभव है। इधर, उत्तराखंड के हिमालय क्षेत्र में शनिवार सुबह हिमस्खलन(avalanche) हुआ। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि हिमस्खलन से केदारनाथ मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। (आगरा की कुछ दिन पुरानी तस्वीर)

सुपर टाइफून नोरू( super typhoon Noru) के अवशेष मौसम प्रणाली( remnant weather system) यानी थोड़ी-बहुत मौजूदगी के कारण बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक चक्रवाती परिसंचरण(cyclonic circulation) भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी में देरी कर रहा है। मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून(south-west monsoon in India) की बारिश सामान्य से 6 प्रतिशत अधिक थी। सितंबर में देश के उत्तर और उत्तर-पश्चिम क्षेत्रों में हुई बारिश ने उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में बारिा की कमी को कम करने में मदद की। यह देश के लिए लगातार चौथा वर्ष है, जब अच्छी मानसूनी बारिश हुई। इससे गंगा के मैदानी इलाकों में रबी सीजन के दौरान किसानों को मदद मिलने की उम्मीद है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय महापात्र ने नई दिल्ली में मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, “उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने और गंगा के मैदानी इलाकों में अच्छी बारिश लाने की उम्मीद है।”

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में वेदर सिस्टम होने के कारण 20 सितंबर से शुरू हुए मानसून के 13 अक्टूबर तक रुकने की संभावना है। इस बीच मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के कुछ हिस्सों में 5 अक्टूबर से बारिश होने की संभावना है। महापात्र ने कहा कि सितंबर की बारिश में 224 स्टेशनों पर बहुत भारी वर्षा (115.6 मिमी से 204 मिमी) और 22 में अत्यधिक (204.5 मिमी से अधिक) की घटनाओं की सूचना मिली। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ की 61 घटनाएं और सितंबर में बिजली गिरने की 59 घटनाएं हुईं। अक्टूबर में, मानसून के बाद की बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है, जो लंबी अवधि के औसत 75.4 मिमी का 115 प्रतिशत है।

महापात्र ने कहा, “दक्षिणी क्षेत्र और देश के उत्तरी हिस्से के छोटे हिस्सों को छोड़कर भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक सामान्य बारिश होने की संभावना है।” अक्टूबर में पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से सामान्य से नीचे रहने की संभावना है, जबकि प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिणी हिस्सों को छोड़कर पूरे देश में रातें गर्म रहने की संभावना है।

मौसम कार्यालय ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 20 सितंबर को वापसी के चरण में प्रवेश किया और शुक्रवार तक पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात से पूरी तरह से पीछे हट गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों से पता चलता है कि बारिश के कारण राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index-AQI) सितंबर में ज्यादातर मध्यम श्रेणी(moderate’ category ) में रहा। 101 से 200 के बीच एक्यूआई ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर का मासिक औसत AQI 2021 की तुलना में 24 फीसदी बढ़ा है, जो 78 दर्ज किया गया था। इस बीच, सितंबर 2020 में औसत AQI 2019 की तुलनाा में 118 और 111 रहा। CPCB के एयर लैब के पूर्व प्रमुख दीपांकर साहा ने कहा, “सितंबर में सामान्य एक्यूआई मुख्य रूप से खराब रहता है। हालांकि, बारिश से एक्यूआई में ‘संतोषजनक’ और ‘अच्छी’ श्रेणियों में गिरावट आती है। सितंबर और अक्टूबर संक्रमण के महीने हैं। इसलिए, एक्यूआई बिगड़ना शुरू हो जाता है।” उन्होंने कहा कि एक्यूआई संक्रमण काल ​​​​के दौरान जागरूकता अभियान शुरू किए जाने चाहिए।

स्काईमेट वेदर(skymet weather) के अनुसार, बीते दिन आंतरिक ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश हुई। पूर्वी बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, रायलसीमा, कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश हुई तथा पूर्वी गुजरात में एक या दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। असम, मेघालय, सिक्किम, पूर्वी बिहार, तेलंगाना, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, केरल में हल्की बारिश देखी गई और राजस्थान में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई।

 

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.