
यूनिक समय, नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित ‘ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दुनिया के सबसे बड़े परोपकारी और माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने समिट में अपना प्रस्तावित भाषण नहीं देने का फैसला किया है। हालांकि, इस खबर के बीच ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भारत की डिजिटल शक्ति की जमकर सराहना की है, जिससे समिट का उत्साह बरकरार है।
बिल गेट्स ने क्यों वापस लिया नाम?
‘बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बिल गेट्स इस बार समिट में संबोधन नहीं देंगे। गेट्स की जगह अब फाउंडेशन के अफ्रीका और इंडिया हेड अंकुर वोरा अपना संबोधन देंगे। वह फाउंडेशन के भविष्य के रोडमैप और तकनीकी विजन पर बात करेंगे।
आयोजकों और फाउंडेशन के अनुसार, यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि समिट का पूरा ध्यान उसके मुख्य विषयों और प्राथमिकताओं पर केंद्रित रहे।
फाउंडेशन ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का भारत में चल रही उनकी परियोजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। स्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में गूगल और भारत सरकार के साथ उनकी साझेदारी पहले की तरह मजबूत बनी रहेगी।
ऋषि सुनक का भारत पर भरोसा
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान भारत की क्षमता पर गहरा भरोसा जताते हुए कहा कि यहाँ का विशाल प्रतिभा भंडार और सुदृढ़ डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) भारत को एआई की वैश्विक दौड़ में सबसे अग्रणी स्थान पर खड़ा करता है। उन्होंने भारत और पश्चिमी देशों के बीच नजरिए के अंतर को स्पष्ट करते हुए साझा किया कि जहाँ पश्चिम में एआई को लेकर चिंता और आशंकाएं व्याप्त हैं, वहीं भारत में इस तकनीक के प्रति जबरदस्त आशावाद और सकारात्मकता का माहौल है। सुनक ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत एआई के समावेशी उपयोग के माध्यम से समाज के कल्याण का एक ऐसा बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा है, जो पूरी दुनिया के लिए अनुकरणीय है।
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