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Mathura News: एनडीपीएस एक्ट के बंदी ने जेल के अंदर लगाई फांसी; जमानत न मिलने और मुकदमों में देरी से था परेशान

by Tarun Bhardwaj • March 26, 2026
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यूनिक समय, मथुरा। मथुरा जिला कारागार से एक हृदयविदारक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ बीती रात एक विचाराधीन बंदी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान सुरेश (57 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गोवर्धन थाना क्षेत्र का निवासी था और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक मामले में जेल में निरुद्ध था। इस घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

तनाव और हताशा ने ली जान

जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरेश पिछले काफी समय से गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहा था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि वह अपने ऊपर चल रहे कानूनी मुकदमों की धीमी प्रक्रिया और उच्च न्यायालय में लंबित अपनी फाइल को लेकर बेहद परेशान था। जमानत (बेल) न मिल पाने के कारण वह हताश हो चुका था। अपनी रिहाई की उम्मीद में उसने पिछले एक साल के भीतर तीन से चार वकील भी बदले थे, लेकिन कानूनी राहत न मिलने के कारण उसकी निराशा बढ़ती गई और अंततः उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

बैरक के शौचालय में लगाया फंदा

जेल प्रशासन के अनुसार, यह दुखद घटना रात करीब 2:00 बजे की है। सुरेश अपनी बैरक से उठकर शौचालय की ओर गया और वहां फंदा लगाकर फांसी लगा ली। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो बैरक में तैनात रात के पहरेदार को संदेह हुआ। पहरेदार ने जब शौचालय के भीतर जाकर देखा, तो सुरेश फंदे पर लटका हुआ मिला। शोर मचने पर जेल के अन्य सुरक्षाकर्मी और अधिकारी मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया।

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

जेल अधीक्षक ने बताया कि सूचना मिलते ही सुरेश को तुरंत फंदे से नीचे उतारा गया। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं, जिसे देखते हुए जेल अस्पताल में उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत नाजुक होने के कारण उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। जेल प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उच्चाधिकारियों को घटना की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जा रही है।

जेल के भीतर हुई इस आत्महत्या ने एक बार फिर बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य और जेलों में चल रही काउंसलिंग व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित किया है। पुलिस अब इस मामले की न्यायिक जांच की तैयारी कर रही है ताकि घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

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