यूनिक समय, मथुरा। रामनवमी के पावन पर्व पर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने राल स्थित ब्रह्मऋषि श्री देवरहा बाबा गो-आश्रय स्थल पहुँचकर सेवा और सुशासन की मिसाल पेश की। जिलाधिकारी ने न केवल विधि-विधान से गौ-पूजन किया, बल्कि प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ मिलकर गौशाला परिसर में खुद झाड़ू लगाई और श्रमदान के जरिए आम जनमानस को स्वच्छता का कड़ा संदेश दिया। 136 एकड़ में फैली इस विशाल गौशाला की व्यवस्थाओं को देख जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। गौ-पूजन और गुरुकुल के बच्चों के बीच जिलाधिकारी निरीक्षण की शुरुआत जिलाधिकारी ने मंत्रोच्चार के बीच गौवंशों को गुड़ और हरा चारा खिलाकर की। इसके पश्चात उन्होंने गौशाला परिसर में संचालित गौधाम गुरुकुल का रुख किया, जहाँ लगभग 80 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने न केवल बच्चों को मिष्ठान वितरित किया, बल्कि उनकी कक्षाओं में जाकर उनके द्वारा तैयार की गई हस्तकला और शिल्पकला की सराहना भी की। उन्होंने बच्चों से उनके भोजन और पढ़ाई के स्तर पर सीधे संवाद किया और उज्जवल भविष्य के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। प्रशासनिक अधिकारियों का श्रमदान इस निरीक्षण का सबसे प्रेरणादायक पहलू तब दिखा जब जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने खुद हाथ में झाड़ू थाम ली। दोनों अधिकारियों ने गौशाला परिसर के एक बड़े हिस्से में श्रमदान करते हुए साफ-सफाई की। जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता केवल कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक नागरिक कर्तव्य है। 8600 गौवंशों के लिए हाई-टेक व्यवस्था और 'गौ-उत्पाद' जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने 136 एकड़ में विस्तृत राल स्थित गौ-आश्रय स्थल का निरीक्षण करते हुए बताया कि यहाँ 27 आधुनिक शेडों में लगभग 8600 गौवंश पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके प्रबंधन के लिए उच्च स्तरीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। इसके साथ ही, उन्होंने गौ-उत्पाद केंद्र में गोबर और गौमूत्र से निर्मित साबुन, फेसवॉश, घी और धूपबत्ती जैसे स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की और एडीएम को इनके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए एक विशेष डॉक्यूमेंट्री तैयार करने के निर्देश दिए ताकि इस मॉडल को अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। स्वास्थ्य और चारे को लेकर सख्त निर्देश निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने भूसा भंडार, हरा चारा और पेयजल की उपलब्धता की जांच की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि भीषण गर्मी को देखते हुए गौवंशों के लिए स्वच्छ शीतल जल और पर्याप्त हरे चारे की आपूर्ति में कोई कोताही न बरती जाए। साथ ही, पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण करें और बीमार पशुओं का तत्काल उपचार सुनिश्चित करें। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: मिशन शक्ति के तहत महिलाओं की सुरक्षा हुई मजबूत; 48 हॉटस्पॉट पर लगे हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]