Fri, Jun 5th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

पीएम मोदी-ट्रंप के बीच हुई बातचीत पर विदेश मंत्रालय का बड़ा खुलासा; एलन मस्क के शामिल होने की अटकलों पर लगा पूर्ण विराम

by Tarun Bhardwaj • March 28, 2026
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई टेलीफोनिक बातचीत को लेकर फैल रही तमाम अफवाहों और कयासों को सिरे से खारिज कर दिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि 24 मार्च को हुई यह महत्वपूर्ण चर्चा केवल दो राष्ट्रप्रमुखों—प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच ही सीमित थी। मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया अटकलों पर पानी फेर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि इस बातचीत में दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क भी ‘कॉन्फ्रेंस कॉल’ का हिस्सा थे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस उच्च स्तरीय बातचीत का मुख्य केंद्र बिंदु पश्चिम एशिया (Middle East) में गहराता युद्ध और तनावपूर्ण भू-राजनीतिक परिस्थितियां थीं। दोनों वैश्विक नेताओं ने इस क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल आपूर्ति और सुरक्षा पर पड़ रहे प्रभावों पर गहन विचारों का आदान-प्रदान किया।

मंत्रालय ने दोहराया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच संबंधों की प्रगाढ़ता और साझा वैश्विक हितों को देखते हुए इस तरह के संवाद समय-समय पर होते रहते हैं और इसमें किसी तीसरे निजी पक्ष की भागीदारी की खबरें पूरी तरह निराधार हैं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह चर्चा जोरों पर थी कि एलन मस्क, जो वर्तमान में अमेरिकी प्रशासन में अपनी नई और प्रभावशाली भूमिका में नजर आ रहे हैं, भारत और अमेरिका के बीच रक्षा या तकनीकी सौदों को लेकर इस बातचीत में शामिल हुए थे।

हालांकि, भारत सरकार के इस सख्त स्पष्टीकरण के बाद इन चर्चाओं पर विराम लग गया है। जानकारों का मानना है कि पश्चिम एशिया संकट के बीच दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली लोकतंत्रों के बीच हुआ यह सीधा संवाद न केवल कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाले दिनों में वैश्विक शांति प्रयासों की दिशा भी तय कर सकता है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े:श्रीकृष्ण जन्मस्थान-शाही ईदगाह विवाद: टली हाईकोर्ट की सुनवाई, अब 10 अप्रैल को होगा ‘संशोधन प्रार्थना पत्रों’ पर फैसला

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.